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वडोदरा विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम पर विवाद, छात्रा ने दी सफाई

गुजरात के वडोदरा में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय में एबीवीपी द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। एक छात्रा ने भगवा साड़ी पहनकर बॉलीवुड गाने पर डांस किया, जिसे अश्लीलता के आरोपों का सामना करना पड़ा। एनएसयूआई ने इस प्रदर्शन को अभद्र करार देते हुए कार्रवाई की मांग की है। छात्रा ने रोते हुए अपनी सफाई दी है कि उसने साड़ी पहनी थी और यह अश्लील नहीं था। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन पर क्या दबाव है।
 

विवादास्पद सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो वायरल

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा में स्थित महाराजा सयाजीराव (MSU) विश्वविद्यालय में एबीवीपी द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है। इस वीडियो में एक छात्रा को भगवा साड़ी पहनकर बॉलीवुड के गाने “धक-धक करने लगा” पर नृत्य करते हुए देखा जा सकता है। यह कार्यक्रम ‘संस्कार-संगम’ नामक तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा था। वायरल वीडियो को लेकर छात्रा ने अश्लीलता के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और छात्रा की सफाई

वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई ने कड़ी आपत्ति जताई है। एनएसयूआई के नेताओं ने इस प्रदर्शन को ‘अभद्र’ और ‘अश्लील’ करार देते हुए कहा कि इस तरह की प्रस्तुति विश्वविद्यालय के माहौल और संस्कारों के खिलाफ है। उनका कहना है कि इस प्रकार के आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गरिमा को नुकसान पहुंचाते हैं।


 

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छात्रा ने रोते हुए अपनी बात स्पष्ट की है। उसने कहा कि वह न तो एबीवीपी को जानती है और न ही एनएसयूआई को। वीडियो में वह कहती है कि उसने साड़ी पहनी थी, तो यह कैसे अश्लील डांस हो गया? छात्रा ने यह भी कहा कि शायद बॉलीवुड गाने पर नृत्य करना गलत था।


एनएसयूआई की कार्रवाई की मांग

एनएसयूआई ने इस मामले में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिसमें निलंबन की भी बात की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।


एनएसयूआई के अध्यक्ष अमर वाघेला ने कहा कि एमएस यूनिवर्सिटी शिक्षा का मंदिर है, न कि मनोरंजन या अश्लीलता का मंच। उन्होंने कहा कि संस्कृति के नाम पर इस तरह का कार्यक्रम बेहद शर्मनाक है। इस पूरे प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय परिसर में राजनीतिक माहौल गरम हो गया है और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।