वाईएस जगन मोहन रेड्डी का चुनाव आयोग पर सवाल उठाना: YSRCP की नई रणनीति
वाईएस जगन मोहन रेड्डी का बयान
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित विधेयक पर नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) सरकार के समर्थन को अपनी पार्टी की गलती बताया। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को इस निर्णय पर पछतावा है और मांग की कि कानून में संशोधन कर चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश को फिर से शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की प्रतिक्रिया
जगन रेड्डी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने उंदावल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने कहा कि पहले जगन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति प्रक्रिया का समर्थन किया था, लेकिन अब जब चुनाव आयोग उनकी बात नहीं मानता, तो वह विरोध कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की चयन प्रक्रिया पर सवाल
जगन रेड्डी ने चुनाव आयोग की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य आयुक्तों का चयन तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में नेता विपक्ष शामिल होते हैं। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से चुनाव आयोग की संरचना एकतरफा हो गई है।
YSRCP का NDA के साथ संबंध
YSRCP के नेताओं का कहना है कि पार्टी ने हमेशा मुद्दों के आधार पर सरकार का समर्थन किया है। हालांकि, औपचारिक रूप से पार्टी कभी NDA का हिस्सा नहीं रही है। फिर भी, YSRCP ने कई मौकों पर NDA का समर्थन किया है, जैसे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और अनुच्छेद 370 के हटाने के समय।
YSRCP की राजनीतिक स्थिति
2024 का चुनाव YSRCP के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। पार्टी सत्ता से बाहर हो गई है और लोकसभा में केवल 4 सांसद रह गए हैं। जब NDA के स्पीकर उम्मीदवार का चयन हुआ, तब भी YSRCP ने NDA का समर्थन किया।
वाम दलों के साथ YSRCP का सहयोग
YSRCP अब वाम दलों के साथ मिलकर चुनावी रणनीति बना रही है। पार्टी का मानना है कि आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, और वे उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
जगन रेड्डी का राजनीतिक सफर
जगन मोहन रेड्डी ने अपनी राजनीतिक यात्रा कांग्रेस से शुरू की थी और 2009 में कडप्पा से सांसद बने। उनके पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी दो बार के मुख्यमंत्री थे। 2011 में उन्होंने YSR कांग्रेस पार्टी की स्थापना की और 2019 में पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 151 सीटें जीतीं।