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वाराणसी में 5 वर्षीय बच्चे के साथ हुई क्रूरता पर उठी आवाजें

वाराणसी में एक 5 वर्षीय बच्चे के साथ हुई क्रूरता की घटना ने सभी को चौंका दिया है। बच्चे के प्राइवेट पार्ट को गर्म चाकू से जलाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है, जिसमें अखिलेश यादव ने त्वरित कार्रवाई की मांग की है। जानें इस दर्दनाक घटना के बारे में और क्या हुआ।
 

दर्दनाक घटना की जानकारी

वाराणसी। वाराणसी में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां एक 5 वर्षीय छात्र के प्राइवेट पार्ट को गर्म चाकू से जला दिया गया, क्योंकि उसने पैंट में बाथरूम कर दिया था। जब पीड़ित के परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत की, तो उन्होंने मदद करने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद, परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अखिलेश यादव ने भी त्वरित कार्रवाई की मांग की है।


घटना का विवरण

केशरी जायसवाल, जो एक अधिवक्ता हैं, का 5 वर्षीय बेटा 'सेरेन सोनी प्ले स्कूल' में पढ़ता है, जो लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में स्थित है। बताया गया है कि 24 जुलाई को छात्र ने बाथरूम जाने की अनुमति मांगी, लेकिन जब टीचर ने मना किया, तो उसने पैंट में ही बाथरूम कर दिया। इसके बाद, टीचर ने बच्चे को दूसरे कमरे में ले जाकर उसके प्राइवेट पार्ट को गर्म चाकू से जला दिया।


सामाजिक प्रतिक्रिया

ये एक बेहद गंभीर मामला है जिसका दर्दनाक और ख़ौफ़नाक असर उस बच्चे पर जीवनभर हो सकता है।

टीचर्स में इतनी समझ तो होनी चाहिए कि उन्हें बच्चों से हमदर्दी और इंसानियत से पेश आना चाहिए।

तत्काल यथोचित कार्रवाई हो! pic.twitter.com/dDfd9e20tg

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 27, 2026

जब बच्चे ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया, तो उन्होंने टीचर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन टीचर ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद, जब उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल को फोन किया, तो उन्होंने भी पीड़ित परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। इस परिजनों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि यह एक गंभीर मामला है, जिसका बच्चे पर जीवनभर का असर हो सकता है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के प्रति सहानुभूति और इंसानियत से पेश आने की अपील की है।