वाराणसी में डॉक्टर की आत्महत्या: पत्नी से विवाद के बाद एनेस्थीसिया ओवरडोज का मामला
वाराणसी में हुई दुखद घटना
वाराणसी: शनिवार की रात वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के हॉस्टल में एक दुखद घटना घटी, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों को झकझोर दिया। 40 वर्षीय डॉ. शुभंकर गौतम, जो यूरोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत थे, का कमरा नंबर-802 उस रात शोक का केंद्र बन गया। जब वह रात करीब 10 बजे मेस में भोजन के लिए नहीं पहुंचे, तो उनके सहकर्मियों ने उन्हें कॉल किया। लगातार फोन करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो साथी डॉक्टर सुरक्षा गार्ड के साथ उनके कमरे तक पहुंचे। दरवाजा खोलने में असमर्थ होने पर, उन्हें दरवाजा तोड़ना पड़ा। अंदर का दृश्य भयावह था— डॉ. शुभंकर का शव बेड पर झुके सिर के साथ पाया गया।
डॉक्टर का सामान्य दिन
डॉ. शुभंकर, जो पटना के निवासी थे, ने एम्स से एमएस और एमसीएच की डिग्री प्राप्त की थी। शनिवार का दिन उनके लिए सामान्य रूप से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने सुबह अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की जांच की और फिर अपने कमरे में लौट आए। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाम को उनकी पत्नी और परिवार के साथ फोन पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद वह अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर गए, जहां से उन्होंने कुछ सीरिंज और एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लिए और फिर अपने कमरे में लौटकर दरवाजा बंद कर लिया।
पुलिस की जांच और सहकर्मियों की चिंताएं
जब दरवाजा तोड़ा गया, तो पता चला कि उनकी मृत्यु एनेस्थीसिया के ओवरडोज के कारण हुई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बिस्तर के पास सिरिंज और दवा की खाली शीशियां पड़ी थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से डॉ. शुभंकर के व्यवहार में बदलाव आया था, वह तनावग्रस्त और गुमसुम रहने लगे थे। इस घटना की सूचना मिलने के बाद, उनके परिवार ने पटना से वाराणसी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय पुलिस ने उनके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उनकी अंतिम कॉल्स और चैट्स की जांच कर रही है। परिवार के बयानों और फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस घटना के पीछे की असली वजह का पता चलेगा।