वाराणसी में भाजपा नेता और अन्य पर जमीन हड़पने का आरोप
भाजपा जिला उपाध्यक्ष और अन्य पर मामला दर्ज
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक जमीन को धोखाधड़ी से हड़पने के मामले में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और उप निबंधक सहित 10 व्यक्तियों के खिलाफ रोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार के आदेश पर की गई है। मामला 5 जुलाई को दर्ज किया गया था, लेकिन अब यह चर्चा में आया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एक बीमार सेवानिवृत्त शिक्षक की लगभग 50 करोड़ रुपये की पुश्तैनी संपत्ति हड़प ली गई।
पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने अदालत में बताया कि उनके पति ओमप्रकाश मिश्रा की बीमारी का फायदा उठाकर उनकी संपत्ति धोखाधड़ी से हड़प ली गई। अदालत के निर्देश पर रोहनिया थाने में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह और पूर्व उप निबंधक अनिल कुमार तथा लिपिक सत्यांशु सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्रमिला ने कहा कि 7 अप्रैल 2026 को उनके पति को डायलिसिस के बाद गंगापुर उप निबंधन कार्यालय ले जाया गया, जहां पहले 660 वर्गमीटर जमीन का बैनामा नितेश राय के नाम पर कराया गया। इसके बाद लगभग 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम को विशाल मिश्रा के नाम पर दानपत्रों के जरिए दर्ज किया गया। उसी रात उक्त संपत्ति को बेच दिया गया। उनके पति ओमप्रकाश मिश्रा पिछले दो वर्षों से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। रिश्तेदार विशाल मिश्रा और घरेलू चालक रवि उपाध्याय ने इलाज के बहाने उनका विश्वास जीतकर यह कार्य किया।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा कि बाप-बेटे में झगड़ा था, जिसके कारण पिता ने मेरे पास जमीन बेचने के लिए आए थे, लेकिन मैंने मना कर दिया। बाद में उन्होंने निबंधन कार्यालय में जाकर अपने रिश्तेदार को जमीन दान कर दी थी। मैंने भतीजे से जमीन खरीदी है और सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है।
पत्नी ने पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया
प्रमिला मिश्रा ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पति ओम प्रकाश मिश्रा की मोहनसराय स्थित लगभग 70 बिस्वा पुश्तैनी जमीन, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है, एक सुनियोजित साजिश के तहत हड़प ली गई।
इलाज के बहाने भरोसा जीतने का आरोप
प्रार्थना पत्र के अनुसार, ओम प्रकाश मिश्रा पिछले दो वर्षों से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें सप्ताह में दो बार डायलिसिस के लिए अस्पताल जाना पड़ता है। आरोप है कि उनके भतीजे विशाल मिश्रा और चालक रवि उपाध्याय इलाज में सहयोग के बहाने उनके संपर्क में आए और आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा इलाज का खर्च कम कराने का झांसा देकर उनका मोबाइल नंबर तथा पेंशन खाते से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलवा दिया।
निबंधन कार्यालय ले जाकर कराया गया बैनामा
आरोप के मुताबिक, बीती 7 अप्रैल को विशाल मिश्रा और रवि उपाध्याय डायलिसिस के लिए उन्हें महमूरगंज स्थित एक अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें गंगापुर स्थित निबंधन कार्यालय ले जाया गया। वहां तत्कालीन उप निबंधक अनिल कुमार और निबंधन लिपिक सत्यांशु सिंह की कथित मिलीभगत से लगभग 70 बिस्वा जमीन का बैनामा और दो दानपत्र आरोपियों के करीबियों के नाम दर्ज करा दिए गए। इसी दिन विक्रय एवं अनुबंध पत्र भी निष्पादित करा लिया गया।