×

विजय की पार्टी के चुनावी वादे: तमिलनाडु के बजट पर पड़ेगा भारी असर

तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) ने अपने पहले चुनाव में 108 सीटों पर जीत हासिल की है। विजय की पार्टी ने महिलाओं, युवाओं, छात्रों और किसानों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। हालांकि, इन वादों का तमिलनाडु के बजट पर भारी असर पड़ सकता है। यदि सभी वादे लागू होते हैं, तो सरकारी खर्च में 52 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। जानें, विजय के वादों का वित्तीय विश्लेषण और संभावित खर्च के आंकड़े।
 

टीवीके की ऐतिहासिक जीत

अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK), ने अपने पहले चुनाव में 108 सीटों पर विजय प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है। सरकार बनाने के लिए टीवीके को केवल 10 विधायकों की आवश्यकता है। हालांकि, सरकार गठन से अधिक चुनौती उनके चुनावी वादों को पूरा करना होगा। टीवीके ने वादा किया है कि वे महिलाओं, युवाओं, छात्रों और किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे।


आर्थिक दबाव की संभावना

टीवीके के वादे काफी भारी हैं। यदि इन वादों को लागू किया गया, तो यह तमिलनाडु के बजट पर गंभीर दबाव डाल सकता है। राज्य सरकार को संभवतः कर्ज लेने या नए कर लगाने की आवश्यकता पड़ सकती है। आइए देखते हैं कि विजय की पार्टी के वादे कितने महंगे साबित हो सकते हैं।


तमिलनाडु का बजट

पिछली डीएमके सरकार ने कुल वित्तीय आय का लगभग 19.6 प्रतिशत कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया। यदि टीवीके अपने सभी वादों को पूरा करती है, तो कुल आय का लगभग 29.8 प्रतिशत इसी में जाएगा। 2025-26 के बजट के अनुसार, तमिलनाडु की कुल आय 3,31,569 करोड़ रुपये है, जिसमें से लगभग 99,057 करोड़ रुपये विजय के वादों को पूरा करने में खर्च होंगे।


महिलाओं के लिए वादा

महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा सबसे महंगा है। सरकारी लाभार्थी डेटा के अनुसार, तमिलनाडु की लगभग 1.7 करोड़ महिलाएं इस योजना के अंतर्गत आएंगी। इस योजना पर सालाना लगभग 47,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


मुफ्त गैस सिलेंडर

हर परिवार को साल में छह मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार, लगभग 1.85 करोड़ परिवार इस लाभ के पात्र होंगे। यदि प्रति सिलेंडर 900 रुपये का अनुमान लगाया जाए, तो इस योजना पर हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता

सरकारी स्कूलों के लगभग 56 लाख छात्रों को हर साल 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे सालाना खर्च 8,438 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।


किसानों और श्रमिकों के लिए सहायता

किसान आय समर्थन: 79.4 लाख किसान लाभान्वित होंगे, जिन्हें सालाना 15,000 रुपये मिलेंगे, जिससे सरकार को 11,910 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
कृषि मजदूर समर्थन योजना: तमिलनाडु के 96 लाख मजदूरों को हर साल 10,000 रुपये मिलेंगे, जिससे सालाना खर्च 9,600 करोड़ रुपये होगा।
मछुआरा परिवारों को समर्थन: 2 लाख से अधिक परिवारों को 27,000 रुपये सालाना मिलेंगे, जिससे सरकार का खर्च 545 करोड़ रुपये होगा।


युवाओं के लिए इंटर्नशिप भत्ता

पांच लाख युवाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। ग्रेजुएट्स को हर महीने 10,000 रुपये और आईटीआई डिप्लोमा धारकों को 8,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा, जिससे वार्षिक खर्च 5,400 करोड़ रुपये होगा।


स्वास्थ्य बीमा और बेरोजगारी भत्ता

स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप: लगभग 1.5 करोड़ परिवारों को लाभ होगा, और इस योजना पर सालाना करीब 1,274 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बेरोजगारी भत्ता: विजय ने बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया है, जिससे लगभग 10 लाख लोगों को हर महीने 4,000 रुपये मिलेंगे, और इस योजना पर सालाना खर्च करीब 4,800 करोड़ रुपये होगा।


संभावित सरकारी खर्च में वृद्धि

यदि विजय अपने सभी चुनावी वादों को पूरा करते हैं, तो तमिलनाडु का सरकारी खर्च लगभग 52 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।