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विजय सांपला ने SIT की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा नोटिस जारी करने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही जांच में सहयोग कर चुके हैं और आगे भी सहयोग देने के लिए तैयार हैं। सांपला ने पंजाब सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया और कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सत्य को राजनीतिक प्रतिशोध से नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर स्थापित किया जाना चाहिए।
 

SIT द्वारा नोटिस जारी करने पर विजय सांपला की प्रतिक्रिया

होशियारपुर - पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उन्हें फिर से नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही जांच में पूरा सहयोग कर चुके हैं और लिखित रूप से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे आगे भी हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार हैं।


सांपला ने यह भी कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें अब तक वे दस्तावेज़ नहीं दिए गए हैं, जिनके संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। बिना आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराए किसी नागरिक को बार-बार तलब करना प्राकृतिक न्याय और कानून की प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने SIT को सूचित किया है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण वे 06 जुलाई को उपस्थित नहीं हो सकेंगे, लेकिन 07 जुलाई को खुद उपस्थित होकर पूरा सहयोग देंगे।


उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्य कर रही है। सांपला ने कहा कि मुख्यमंत्री के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए निर्णय और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित प्रस्तावित कानून को लेकर सरकार की व्यापक आलोचना के बाद, सरकार घबराई हुई है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष, विशेषकर भाजपा के नेताओं को निशाना बना रही है।


सांपला ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और देश के कई राज्यों में इसकी सरकारें जनसेवा कर रही हैं। पंजाब सरकार भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने का असफल प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब नशे, बेरोज़गारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और विकास जैसे गंभीर संकटों का सामना कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीतिक एजेंडा चला रही है।


उन्होंने दोहराया कि उन्हें संविधान, न्यायपालिका और कानून के शासन पर पूरा विश्वास है। वे निष्पक्ष जांच का स्वागत करते हैं, लेकिन यह जांच कानून, पारदर्शिता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। सत्य को राजनीतिक प्रतिशोध से नहीं, बल्कि तथ्यों और निष्पक्ष जांच से ही स्थापित किया जा सकता है।