विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए 5 करोड़ लेने के आरोपों का किया खंडन
विवाद का केंद्र: विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और वृंदावन के संत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के बीच एक विवादास्पद दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। आरोप लगाया गया है कि कोहली ने प्रेमानंद महाराज से मिलने और उनके आश्रम जाने के लिए ₹5 करोड़ की राशि ली थी। इस मामले में बढ़ते विवाद के बाद, विराट कोहली की आधिकारिक टीम ने एक बयान जारी कर इन आरोपों का कड़ा खंडन किया है और इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत बताया है।
फलाहारी महाराज के दावों का खंडन
कोहली के प्रवक्ता ने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को असत्य और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। बयान में कहा गया है कि कोहली ने प्रेमानंद महाराज से केवल अपनी आध्यात्मिक आस्था और श्रद्धा के कारण मुलाकात की है, जिसका किसी भी वित्तीय लेनदेन से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर विवाद की शुरुआत
यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिनेश शर्मा ने एक सार्वजनिक बयान में कहा कि एक निजी कंपनी ने कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए ₹5 करोड़ का भुगतान किया था। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
मीडिया से जिम्मेदारी बरतने की अपील
कोहली की टीम ने इन भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से जिम्मेदारी बरतने की अपील की है। प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति की आस्था और निजी जीवन के बारे में इस तरह की अफवाहें फैलाना अनुचित है। मीडिया को ऐसे बयानों को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए।