×

विवेक अग्रवाल बने FATF के उपाध्यक्ष, भारत की सुरक्षा में नई मजबूती

भारत के विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी नियुक्ति से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। विवेक, जो 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, पहले भी वित्तीय खुफिया इकाई के निदेशक रह चुके हैं। उनके इस पद पर पहुंचने से भारत की विश्वसनीयता 200 से अधिक देशों में बढ़ेगी। जानें विवेक अग्रवाल के कार्य और उनकी भूमिका के बारे में।
 

भारत की नई उपलब्धि

भारत के विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। FATF एक प्रतिष्ठित वैश्विक संस्था है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय सहायता पर नजर रखती है। विवेक अग्रवाल इस पद पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं, और उनके इस चयन पर भारत के विदेश मंत्रालय ने खुशी व्यक्त की है।


नियुक्ति का महत्व

विदेश मंत्रालय ने विवेक अग्रवाल की नियुक्ति को लेकर कहा है कि इससे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी। भारत सरकार पहले से ही आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीतियों का पालन कर रही है। अब विवेक के उपाध्यक्ष बनने से वैश्विक स्तर पर आतंकवादियों को मिलने वाली फंडिंग को रोकने के प्रयासों को और बल मिलेगा।


विवेक अग्रवाल का परिचय

विवेक अग्रवाल 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय के सचिव हैं। उन्होंने पहले FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit) के निदेशक के रूप में कार्य किया है। इस भूमिका में उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय खुफिया से संबंधित मामलों पर काम किया।


भारत की वैश्विक छवि में सुधार

संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि विवेक अग्रवाल के FATF में उपाध्यक्ष बनने से भारत की विश्वसनीयता 200 से अधिक देशों के बीच बढ़ेगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वर्चुअल एसेट्स, डिजिटल पेमेंट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों के निर्माण में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


साल 2025 में जब आतंकवादियों ने पहलगाम में आम नागरिकों की हत्या की थी, तब FATF ने भारतीयों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी और आतंकवादियों की फंडिंग रोकने की अपील की थी, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को टाला जा सके।