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वीके पांडियन का वेनेजुएला दौरा: ओडिशा मॉडल की अंतरराष्ट्रीय पहचान

वीके पांडियन, ओडिशा के पूर्व आईएएस अधिकारी, हाल ही में वेनेजुएला के दौरे पर गए, जहां उन्होंने भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वेनेजुएला की सरकार ओडिशा के आपदा प्रबंधन मॉडल से सीखना चाहती है, जो वैश्विक स्तर पर सराहा गया है। भारत सरकार ने 'ऑपरेशन अमिटाड' के तहत सहायता प्रदान की है। पांडियन के दौरे ने साबित किया है कि ओडिशा का मॉडल अन्य देशों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
 

वीके पांडियन की नई भूमिका


ओडिशा के पूर्व आईएएस अधिकारी और बीजेडी नेता वीके पांडियन एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में, उन्होंने लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला का दौरा किया, जो इस समय दो गंभीर भूकंपों का सामना कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें यह निमंत्रण वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज द्वारा दिया गया था। वेनेजुएला की सरकार ओडिशा के 'डिजास्टर मैनेजमेंट मॉडल' से सीखना चाहती है, जो वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।


वीके पांडियन का राजनीतिक सफर

आपको बता दें कि वीके पांडियन, जो 2024 के चुनावों के बाद राजनीति से संन्यास लेने की योजना बना रहे हैं, लंबे समय से मीडिया की नजरों से दूर थे। राजनीति में आने से पहले, वे ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं। उन्होंने ओडिशा में कई बड़े चक्रवातों के दौरान राहत और बचाव कार्यों का नेतृत्व किया था।


वेनेजुएला का संकट और पांडियन की भूमिका

वेनेजुएला में आए भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है, जिसमें 3,000 से अधिक लोगों की जान चली गई है। वहां की सरकार भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार होना चाहती है। चूंकि ओडिशा के आपदा प्रबंधन की प्रशंसा पूरी दुनिया में होती है, इसलिए वेनेजुएला ने वीके पांडियन को आमंत्रित किया।


अपने दौरे के दौरान, पांडियन ने भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, राहत टीमों से मुलाकात की और राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि इस बैठक में तत्काल राहत कार्यों और भविष्य में आपदाओं के प्रभाव को कम करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई।


भारत की सहायता: 'ऑपरेशन अमिटाड'

भूकंप के तुरंत बाद, भारत सरकार ने वेनेजुएला की सहायता के लिए 'ऑपरेशन अमिटाड' शुरू किया। इसके तहत भारतीय सेना का एक फील्ड हॉस्पिटल वहां भेजा गया है, जो घायलों का इलाज कर रहा है। पांडियन ने बताया कि उनके दौरे के दौरान वेनेजुएला के लोगों ने भारत की इस मानवीय सहायता की सराहना की।


ओडिशा मॉडल की विशेषताएँ

ओडिशा एक ऐसा राज्य है जो हर साल कई समुद्री तूफानों का सामना करता है। 1999 में आए 'सुपर साइक्लोन' ने ओडिशा में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें लगभग 10,000 लोगों की जान गई थी। उस आपदा के बाद, ओडिशा सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया।


ओडिशा देश का पहला राज्य बना जिसने आपदा प्रबंधन के लिए एक अलग और समर्पित प्राधिकरण स्थापित किया। सरकार ने 'जीरो कैजुअल्टी' का संकल्प लिया, जिसके परिणामस्वरूप बाद में आए बड़े तूफानों में जान-माल का नुकसान न्यूनतम हुआ।


ओडिशा मॉडल की प्रमुख विशेषताएँ

एडवांस प्लानिंग: ओडिशा का ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि आपदा आने से पहले सभी तैयारियाँ पूरी कर ली जाएं। इसके लिए तटीय क्षेत्रों में 800 से अधिक चक्रवात शेल्टर और मजबूत सड़कें बनाई गई हैं.


गांव वालों की भागीदारी: सरकार ने केवल कागजों पर काम नहीं किया, बल्कि हजारों स्थानीय लोगों और वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण दिया। आपात स्थिति में गांव की पंचायतें तेजी से निर्णय लेती हैं.


कमाल का अर्ली वार्निंग सिस्टम: ओडिशा के पास एक आधुनिक प्रणाली है जो तूफान आने से पहले ही अलर्ट जारी कर देती है। समुद्र किनारे बसे 2,000 से अधिक गांवों में बड़े सायरन लगाए गए हैं, जो संकट के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद करते हैं.


रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF): ओडिशा की एक विशेष रेस्क्यू टीम है जो साल भर मॉक ड्रिल करती है, ताकि संकट के समय एक मिनट की भी देरी न हो.


भविष्य के लिए एक मिसाल

वेनेजुएला एक ऐसा देश है जहां अक्सर भूकंप आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओडिशा का यह मॉडल वेनेजुएला जैसे देशों के लिए एक जीवन रेखा साबित हो सकता है। वीके पांडियन के इस दौरे ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत के एक राज्य की सूझबूझ और तैयारी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बन चुकी है।