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वीरेंद्र बसोया की UAE से भारत वापसी: 13 हजार करोड़ के ड्रग केस में वॉन्टेड

वीरेंद्र बसोया, एक प्रमुख ड्रग तस्कर, को UAE से भारत लाया गया है। वह 13 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में वॉन्टेड था। उसकी वापसी को सरकार ने विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सफलता बताया है। जांच में उसके नाम एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ने का खुलासा हुआ है, जिसमें मेफेड्रोन की बड़ी मात्रा बरामद की गई थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे के तथ्यों के बारे में।
 

वीरेंद्र बसोया की प्रत्यर्पण प्रक्रिया


वीरेंद्र बसोया की प्रत्यर्पण प्रक्रिया: भारत सरकार और जांच एजेंसियों ने एक बड़े ड्रग तस्कर के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाया गया है। वह भारत में चल रहे बड़े ड्रग्स मामलों में वॉन्टेड था। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में उसका नाम भी शामिल है। उसकी भारत वापसी को सरकार ने विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता बताया है।


वीरेंद्र बसोया की भारत वापसी की प्रक्रिया

वीरेंद्र बसोया के खिलाफ जांच एजेंसियों ने लंबे समय से कार्रवाई की थी। उसकी पहचान एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ने के बाद हुई। इसके चलते भारतीय एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क बढ़ाया। इसी प्रयास के तहत उसे UAE से भारत लाया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नशे के खिलाफ केंद्र सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।


मेफेड्रोन की बरामदगी और नेटवर्क का खुलासा

वीरेंद्र बसोया का नाम जिस बड़े ड्रग नेटवर्क में आया, उसमें 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की बरामदगी एक महत्वपूर्ण कड़ी रही। 21 फरवरी 2024 को पुणे पुलिस ने दिल्ली में कार्रवाई करते हुए दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीप कुमार राजपाल बसोया को गिरफ्तार किया था। इस दौरान भारी मात्रा में मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत हजारों करोड़ रुपये बताई गई। जांच में पता चला कि ड्रग्स की सप्लाई के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।


लॉजिस्टिक्स कंपनी का उपयोग

इस मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और कंपनी के मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, ड्रग्स की बड़ी खेप को सामान्य सामान के कंसाइनमेंट के रूप में विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी दिवेश भूतानी और संदीप बसोया वीरेंद्र सिंह बसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे।


वीरेंद्र बसोया का अन्य मामलों में वॉन्टेड होना

वीरेंद्र बसोया के खिलाफ यह एकमात्र मामला नहीं है। वह दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में भी वॉन्टेड है। इसलिए उसकी भारत वापसी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब एजेंसियां उससे पूछताछ के जरिए ड्रग नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लाई चैन और विदेशों में मौजूद संपर्कों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकती हैं।