×

वृंदावन में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की आध्यात्मिक यात्रा

भारतीय क्रिकेट के सितारे विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान, उन्होंने दो घंटे तक आश्रम में बिताए और सत्संग में भाग लिया। विराट की टीम ने हाल ही में आईपीएल 2026 का खिताब जीता है, और इस जीत के उत्सव के बीच उन्होंने वृंदावन जाकर आशीर्वाद लिया। जानें उनके आध्यात्मिक झुकाव और संत प्रेमानंद के प्रति उनकी आस्था के बारे में।
 

वृंदावन में संत के दर्शन

वृंदावन- भारतीय क्रिकेट के प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने मंगलवार सुबह वृंदावन के एक आश्रम में जाकर संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान, दोनों ने लगभग दो घंटे तक आश्रम में बिताए और सत्संग में भाग लिया।


सूत्रों के अनुसार, विराट और अनुष्का सुबह जल्दी वृंदावन पहुंचे। आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने उनका स्वागत किया। दोनों ने साधारण तरीके से आश्रम में प्रवेश किया और नंगे पैर संत के दर्शन किए। बाहर निकलते समय विराट के माथे पर चंदन और त्रिपुंड का तिलक नजर आया। इस दौरान उनके कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।



यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रचा है। फाइनल में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और विराट ने निर्णायक मैच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस जीत के उत्सव के बीच वृंदावन जाकर आशीर्वाद लेना उनकी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाता है।


प्रेमानंद महाराज के प्रति आस्था

गहरी आस्था:


विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पिछले कुछ वर्षों से संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायी रहे हैं। जनवरी 2023 में पहली बार वृंदावन आने के बाद से, वे नियमित रूप से आश्रम का दौरा करते रहे हैं। यह उनकी सातवीं मुलाकात है, जबकि 2026 में यह तीसरी बार है जब वे महाराज के दर्शन के लिए आए हैं।


इससे पहले अक्षय तृतीया के अवसर पर भी दोनों ने वृंदावन जाकर सत्संग में भाग लिया था। बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद भी दंपति ने महाराज का आशीर्वाद लिया था। आध्यात्मिकता और भक्ति के प्रति उनकी बढ़ती रुचि अक्सर चर्चा का विषय बनती रही है।


क्रिकेट और फिल्म उद्योग की व्यस्तताओं के बीच, विराट और अनुष्का का बार-बार वृंदावन आना उनके आध्यात्मिक झुकाव और संतों के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है।