वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
वेदांता ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं
नई दिल्ली: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले महीने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद, आज सुबह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामले में की जा रही है।
फेमा के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया
फेमा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में विदेशी मुद्रा के लेनदेन पर निगरानी रखना है। ईडी तब कार्रवाई करता है जब उसे किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा विदेशी मुद्रा के लेनदेन में उल्लंघन का संदेह होता है। इसमें अवैध संपत्ति अर्जित करना, गैर-कानूनी धन हस्तांतरण, हवाला का उपयोग, या विदेशी निवेश से संबंधित नियमों का पालन न करना शामिल है।
अनिल अग्रवाल और अन्य पर एफआईआर
पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए एक बॉयलर धमाके के मामले में अनिल अग्रवाल, कंपनी के मैनेजर देवेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पिछले महीने एफआईआर दर्ज की गई थी। इस घटना में 20 श्रमिकों की जान गई थी।
एफआईआर में शामिल नाम
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, यह एफआईआर डभरा पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाही भरा आचरण), और 3(5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज की गई है। ठाकुर ने कहा कि एफआईआर में अनिल अग्रवाल सहित आठ से दस लोगों के नाम शामिल हैं। यदि जांच में और लोग जिम्मेदार पाए जाते हैं, तो उनके नाम भी जोड़े जाएंगे।