शंकराचार्य की अग्रिम जमानत याचिका, पुलिस की जांच जारी
प्रयागराज में शंकराचार्य का मामला
प्रयागराज। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में हाई कोर्ट में एक अपील दायर की है। बच्चों के यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद, उन्होंने मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका प्रस्तुत की। यह संभावना जताई जा रही है कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। इस समय प्रयागराज पुलिस की एक टीम वाराणसी में मौजूद है, जहां शंकराचार्य ठहरे हुए हैं। हालांकि, मंगलवार को उनसे पूछताछ नहीं की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप
इस बीच, शंकराचार्य ने वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें अजय पाल शर्मा और आशुतोष महाराज एक साथ केक काटते हुए नजर आ रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा, 'इनका नाम अजय पाल शर्मा है। इस समय इनके अधीन ही जांच चल रही है। एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अफसर बर्थडे सेलिब्रेशन कर रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे खिलाफ सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया है ताकि मैं गो-रक्षा अभियान से पीछे हट जाऊं, लेकिन यह संभव नहीं है।'
रमाकांत दीक्षित का बयान
इस घटनाक्रम के बीच, शाहजहांपुर के रमाकांत दीक्षित ने शंकराचार्य पर एफआईआर कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आशुतोष पांडेय ने उन्हें अपनी नाबालिग बेटियों के जरिए शंकराचार्य को फंसाने का लालच दिया था। दीक्षित का दावा है कि उन्होंने इस साजिश में शामिल होने से इनकार कर दिया और वाराणसी पहुंचकर यह बात शंकराचार्य को बताई।