शशि थरूर ने नीट-यूजी पेपर लीक पर सरकार को घेरा
शशि थरूर का सरकार पर हमला
नई दिल्ली। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं, विशेषकर नीट-यूजी पेपर लीक विवाद पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने इसे एक पूरी पीढ़ी के साथ विश्वासघात करार दिया।
थरूर ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं किया जा सकता। छात्रों ने जो मेहनत की है, अचानक उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है, जो भ्रष्टाचार और बेईमानी का संकेत है। कई बार परीक्षाएं रद्द करनी पड़ती हैं और उन्हें फिर से आयोजित करना पड़ता है।
उन्होंने भारत की परीक्षा प्रणाली की तुलना विश्व स्तर की प्रणालियों से की और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। थरूर ने कहा, "दुनिया में कई प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्षता से होती हैं, जैसे एसएटी, कैम्ब्रिज परीक्षाएं और आईएससी।" उन्होंने यह भी पूछा कि केवल हमारी सरकारी प्रणाली में ही बार-बार गड़बड़ियां क्यों हो रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को इन समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार को इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
‘सरकार और एनटीए की जिम्मेदारी’
थरूर ने कहा कि सरकार, मंत्रालय, एनटीए और अन्य सभी लोग इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की पूरी जिम्मेदारी बताई और कहा कि यह दोबारा नहीं होना चाहिए।
21 जून को पुनः परीक्षा
थरूर की यह टिप्पणी नीट-यूजी 2026 के विवाद के बीच आई है। पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते परीक्षा को 21 जून तक के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामले की जांच कर रहा है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। इस बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन भी बढ़ गए हैं।