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शिमला के पास अल्ट्रा-लग्जरी विला प्रोजेक्ट: 7000 फीट की ऊंचाई पर शानदार जीवन

हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास मशोबरा में एक नया अल्ट्रा-लग्जरी विला प्रोजेक्ट 'द रिज' लॉन्च किया गया है। यह प्रोजेक्ट समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसमें 3 और 4 बीएचके विला की कीमत 9.5 करोड़ रुपये से शुरू होती है। इस प्रोजेक्ट में आधुनिक सुविधाएं जैसे कि एक बड़ा क्लब हाउस, वेलनेस सेवाएं और भूकंप सुरक्षा उपाय शामिल हैं। जानें इस प्रोजेक्ट की अन्य खासियतें और क्यों यह अमीर खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
 

शिमला में नया अल्ट्रा-लग्जरी विला प्रोजेक्ट

शिमला: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में रहने की चाह रखने वाले अमीर खरीदारों के लिए, मशोबरा में एक अनोखा और अल्ट्रा-लग्जरी विला प्रोजेक्ट पेश किया गया है। रियल एस्टेट डेवलपर 'हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा' ने इस प्रोजेक्ट का नाम 'द रिज' रखा है। यह प्रोजेक्ट लगभग 11.5 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें 3 और 4 बीएचके विला की शुरुआती कीमत 9.5 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। कंपनी इसे केवल छुट्टियों के लिए नहीं, बल्कि एक स्थायी निवास के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जहां परिवार लंबे समय तक सुकून और स्वास्थ्य के साथ रह सकें।


समुद्र तल से 7,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित
यह प्रोजेक्ट शिमला शहर से केवल 10 किलोमीटर दूर मशोबरा में समुद्र तल से लगभग 7,000 फीट की ऊंचाई पर विकसित किया जा रहा है। यहां से घरशी घाटी का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है और चारों ओर 950 हेक्टेयर में फैले देवदार के घने जंगल हैं। इस प्रोजेक्ट की विशेषता यह है कि यह शिमला के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर शांति प्रदान करता है, जबकि आवश्यकतानुसार शहर की सभी सुविधाएं कुछ ही मिनटों की दूरी पर उपलब्ध हैं।


आधुनिक क्लब हाउस और वेलनेस सुविधाएं
'द रिज' में 25,000 वर्ग फीट का एक अत्याधुनिक क्लब हाउस बनाया जाएगा। इसमें तापमान नियंत्रित गर्म पानी वाला इनडोर स्विमिंग पूल, आधुनिक फिटनेस सेंटर, रेस्टोरेंट, फायरप्लेस लाउंज, व्यूइंग डेक और इनडोर खेलों की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, वेलनेस सेवाओं के लिए 'एवावो वेलनेस' के साथ साझेदारी की गई है, जिसमें क्रायोथेरेपी, रेड लाइट थेरेपी और हाइपरबेरिक ऑक्सीजन ट्रीटमेंट जैसी उन्नत सेवाएं शामिल हैं। विला प्रबंधन और हॉस्पिटैलिटी का कार्य 'एवरली होटल्स एंड रिसॉर्ट्स' द्वारा किया जाएगा। परिसर में फलों के बगीचे, वॉकवे और योग व ध्यान के लिए खुले लॉन भी होंगे।


भूकंप और भूस्खलन से सुरक्षा के उपाय
पहाड़ी क्षेत्र में निर्माण की चुनौतियों और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रोजेक्ट के इंजीनियरिंग ढांचे में आईआईटी रुड़की की सलाह ली गई है। निर्माण में आधुनिक कंप्यूटेशनल मॉडलिंग और माइक्रोपाइल फाउंडेशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इमारतें सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहें। कंपनी का दावा है कि उनके पास 8,500 से अधिक ग्राहकों का एक मजबूत आधार है, जिसमें 65 प्रतिशत से अधिक शीर्ष स्तर के कॉरपोरेट एग्जीक्यूटिव और व्यवसायी शामिल हैं।