शिमला में अवैध मस्जिद पर विवाद: देवभूमि संघर्ष समिति की चेतावनी
शिमला में मस्जिद विवाद की बढ़ती गर्माहट
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में एक मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह मस्जिद पहले ही न्यायालय द्वारा अवैध घोषित की जा चुकी है।
समिति की सख्त चेतावनी
देवभूमि संघर्ष समिति ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि शुक्रवार (28 नवंबर) को इस मस्जिद में जुमे की नमाज नहीं होने दी जाएगी।
मुस्लिम समुदाय से शांति की अपील
समिति ने मुस्लिम समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की है। समिति के सदस्यों ने कहा है कि सांप्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए किसी को भी शुक्रवार को संजौली मस्जिद की ओर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग नमाज अपने घरों में या किसी अन्य वैध मस्जिद में अदा करें।
विरोध प्रदर्शन जारी
पिछले दस दिनों से देवभूमि संघर्ष समिति के कार्यकर्ता मस्जिद के बाहर धरना दे रहे हैं। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद परिसर में शस्त्र पूजा भी की, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। समिति का कहना है कि वे केवल अदालत के फैसले का सम्मान चाहते हैं और अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेंगे।
प्रशासन को चेतावनी
समिति के सह-संयोजक विजय शर्मा ने कहा कि उनका संगठन 29 नवंबर को जिला प्रशासन के साथ होने वाली बैठक का इंतजार कर रहा है। यदि इस बैठक में सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
साथ ही, प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि हिंदू समाज के साथ किसी भी प्रकार का धोखा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग अवैध निर्माण को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं।
सनातन समाज की दृढ़ता
नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सनातन समाज अपनी जायज मांगों के लिए पूरी तरह से डटा रहेगा। यदि आवश्यक हुआ, तो वे शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका जोर इस बात पर है कि कोर्ट का आदेश तुरंत लागू हो और अवैध हिस्सों को हटाया जाए।
29 नवंबर की बैठक पर सबकी नजरें
आने वाली 29 नवंबर की बैठक को दोनों पक्ष महत्वपूर्ण मान रहे हैं। देवभूमि संघर्ष समिति को उम्मीद है कि इस बैठक में कोई ठोस समाधान निकलेगा। लेकिन बैठक से एक दिन पहले शस्त्र पूजा और जुमे की नमाज रोकने की चेतावनी ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।