शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक 'अपनापन' का विमोचन: मोदी जी के नेतृत्व और मानवीयता पर प्रकाश
पुस्तक विमोचन का महत्व
*पूर्व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोदी जी के अपनापन और राष्ट्रभाव को उजागर किया।
*नई दिल्ली में आयोजित समारोह ने मोदी जी से मिलने की प्रेरणा और संवेदनशीलता का उत्सव मनाया।
*'अपनापन: नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव' में शिवराज सिंह चौहान की 35 वर्षों की यात्रा, मोदी जी की सेवा और नेतृत्व का जीवंत दस्तावेज प्रस्तुत किया गया।
मोदी जी का व्यक्तित्व
*कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री तक की यात्रा में मोदी जी के मानवीय और दूरदर्शी व्यक्तित्व का प्रभावशाली चित्रण किया गया।
*केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया।
*पुस्तक के हर अध्याय में मोदी जी का जीवन-दर्शन और राष्ट्र-निर्माण का संदेश छिपा है।
वेंकैया नायडू का संबोधन
*वेंकैया नायडू ने कहा कि 'अपनापन' केवल शीर्षक नहीं, बल्कि विश्वास और राष्ट्रीय दायित्व का प्रतीक है।
*उन्होंने मोदी जी के मिशन-आधारित सार्वजनिक जीवन की सराहना की।
एच.डी. देवेगौड़ा की राय
*पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने पुस्तक को जनसेवा और विकास की गंभीर अभिव्यक्ति बताया।
*शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 35 वर्षों में उन्होंने मोदी जी को देश के लिए जीते देखा है।
शिवराज सिंह चौहान का दृष्टिकोण
*चौहान ने कहा कि मोदी जी का अपनापन कार्यकर्ता से लेकर आम आदमी तक फैला है।
*उन्होंने मोदी जी की विश्वसनीयता को उनकी नीयत की पारदर्शिता और कर्म की निरंतरता से जोड़ा।
समारोह की गरिमा
नई दिल्ली में 'अपनापन: नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव' का विमोचन एक महत्वपूर्ण घटना थी, जहाँ मोदी जी के व्यक्तित्व का मानवीय पक्ष उभरकर सामने आया।
इस समारोह में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।