शी जिनपिंग का भारत दौरा: BRICS शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी से होगी मुलाकात
शी जिनपिंग का संभावित भारत दौरा
नई दिल्ली/बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आने की योजना बना रहे हैं। बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा उनके भारत दौरे की आधिकारिक घोषणा गुरुवार को की जा सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति शी शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंच सकते हैं, और शाम को लगभग 6 बजे भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होने की संभावना है।
महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक का आयोजन भी प्रस्तावित है। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सात साल बाद पहली मुलाकात
यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की यह पहली द्विपक्षीय मुलाकात भारतीय धरती पर लगभग 7 वर्षों बाद हो रही है। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों के बाद से यह दोनों नेताओं की भारत में पहली बैठक होगी, जिससे पूरी दुनिया की नजर इस मुलाकात पर होगी।
BRICS शिखर सम्मेलन की मेज़बानी
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है। इस वर्ष भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, और सम्मेलन की थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' रखी गई है।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
सम्मेलन में BRICS के सदस्य और साझेदार देशों के नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही, राजनीतिक-सुरक्षा, आर्थिक-वित्तीय और लोगों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी विचार विमर्श होगा। 2026 में BRICS की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होंगे।
शी जिनपिंग की पिछली यात्रा
शी जिनपिंग की पिछली भारत यात्रा 11-12 अक्टूबर 2019 को हुई थी, जब वह तमिलनाडु के मामल्लापुरम पहुंचे थे। उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत-चीन के दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। इससे पहले, 2018 में दोनों नेताओं की पहली अनौपचारिक बैठक चीन के वुहान में हुई थी।
नई चर्चाओं का आगाज़
मामल्लापुरम बैठक के दौरान मोदी और शी ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी गहन चर्चा की थी। अब, लगभग सात साल बाद शी जिनपिंग के भारत दौरे की संभावना ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।