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शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को सात लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बीएसई का संवेदी सूचकांक 1,124 अंक गिरकर 72,772 पर बंद हुआ। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी


मुंबई में सोमवार को शेयर बाजार के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। कारोबार समाप्त होने तक, निवेशकों की संपत्ति में सात लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,124 अंक गिरकर 72,772 पर बंद हुआ। यह लगातार आठवें सप्ताह में गिरावट का सामना कर रहा है। पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार में गिरावट का यह सिलसिला जारी है। सितंबर 2024 में बीएसई का सूचकांक 85 हजार से ऊपर था, जो अब 72 हजार पर आ गया है, यानी दो साल में 13 हजार अंकों की कमी आई है।


सोमवार को निफ्टी में भी 360 अंक, यानी 1.56 फीसदी की गिरावट आई, और यह 22,780 पर बंद हुआ। इस दिन बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्ध रोकने से इनकार करने के कारण बाजार में यह बड़ी गिरावट आई। इस दिन की गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई। शुक्रवार को बाजार बंद होने पर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बाजार पूंजी 482 लाख करोड़ रुपये के करीब थी, जो सोमवार को घटकर 475 लाख करोड़ रुपये रह गई।


विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही समझौता होने की संभावना नहीं है, जिससे तनाव बना हुआ है। इसके अलावा, रूस और यूक्रेन के बीच भी तनाव बढ़ रहा है। होर्मुज की खाड़ी भी बंद है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। यदि कच्चे तेल की महंगाई बनी रहती है, तो इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ेगा।