श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया में विवाद
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने नए सीईओ की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की है। इस संबंध में तीन सदस्यीय समिति ने नामों की छंटनी की है। पहले इस पद के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था, जिसके जवाब में 5200 से अधिक लोगों ने आवेदन किया। इनमें से अधिकांश आवेदकों को बाहर कर दिया गया है, और केवल 18 नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
हालांकि, यह जानना आवश्यक है कि इन 18 नामों का चयन किस आधार पर किया गया। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर, जिन्होंने इस पद के लिए आवेदन किया था, ने इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा कि वे सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करते हैं, फिर भी उनका नाम शॉर्टलिस्ट में नहीं है।
अमिताभ ठाकुर ने यह जानने की इच्छा व्यक्त की है कि उन्हें क्यों छांटा गया। सरकारी पदों के लिए आवेदन करने पर आमतौर पर एक जांच प्रक्रिया होती है, लेकिन ट्रस्ट की समिति के पास ऐसा कोई तंत्र नहीं है। इस कारण से यह स्पष्ट है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।
इसके अलावा, यह भी चर्चा में है कि संघ और विश्व हिंदू परिषद ने पहले से ही कुछ नाम तय कर लिए हैं, जिनमें से किसी एक को चुना जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए, यह संभावना है कि चयन प्रक्रिया को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़े।