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श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वा' का कहर: भारत ने शुरू किया राहत अभियान

श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वा' ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसके चलते राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की है। इस आपदा में 153 लोगों की जान जा चुकी है और 191 लोग लापता हैं। भारत ने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत राहत सामग्री भेजकर श्रीलंका की मदद की है। भारतीय वायुसेना ने 80 एनडीआरएफ कमांडो और 21 टन राहत सामग्री भेजी है। जानें इस संकट के समय में भारत का समर्थन और प्रभावित लोगों की स्थिति के बारे में।
 

श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा

कोलंबो: श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वा' ने व्यापक तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शुक्रवार रात को पूरे देश में आपातकाल (State of Emergency) लागू कर दिया है। आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के अनुसार, चक्रवात, भूस्खलन और बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 153 तक पहुंच गई है, जबकि 191 लोग अब भी लापता हैं। इस संकट के समय में भारत ने अपनी 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत श्रीलंका की सहायता के लिए 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया है।


भारत से राहत सामग्री का भेजा जाना

भारत से भेजे गए 80 'हनुमान', 21 टन राहत सामग्री
भारत ने श्रीलंका में आई इस विपदा से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई की। भारतीय वायुसेना ने हिंडन एयरबेस से दो सैन्य विमान—एक सी-130 और एक आईएल-76 कोलंबो के लिए रवाना किया। इन विमानों के माध्यम से लगभग 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक एनडीआरएफ (NDRF) के कमांडो और 8 टन बचाव उपकरण श्रीलंका भेजे गए हैं।


भारतीय जवानों की बहादुरी

बाढ़ में देवदूत बने भारतीय जवान
श्रीलंका में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भारतीय जवान 'हनुमान' बनकर सामने आए हैं। एनडीआरएफ की टीमें हेलीकॉप्टर और बोट के जरिए बचाव कार्य में जुटी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय जवानों का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वे बाढ़ पीड़ितों की जान बचाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जवानों की इस बहादुरी की हर जगह सराहना हो रही है।


7 लाख से अधिक लोग प्रभावित

7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
डीएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस भीषण आपदा का असर श्रीलंका के 25 जिलों में व्यापक रूप से देखा गया है, जिससे 2,17,263 परिवारों के लगभग 7,74,724 लोग प्रभावित हुए हैं। संकट के इस समय में बेघर हुए लोगों की सहायता के लिए देशभर में 798 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहाँ एक लाख से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। हालाँकि जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के अप्रत्यक्ष प्रभाव अभी भी बने रह सकते हैं।


भारत का समर्थन

भारत मजबूती से साथ खड़ा
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत जरूरतमंद समुदायों के लिए राशन और आवश्यक सामान भेजा गया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस संकट के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत सामग्री की खेप लगातार भेजी जा रही है।