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श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से तबाही, भारत ने राहत में बढ़ाया हाथ

श्रीलंका में चक्रवात दित्वा ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जानें गई हैं। भारत ने राहत कार्य में तेजी लाने के लिए पाकिस्तान को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति से बात कर सहायता का आश्वासन दिया है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और भारत की भूमिका के बारे में।
 

चक्रवात दित्वा का कहर


नई दिल्ली: श्रीलंका इस समय चक्रवात दित्वा के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जानें गई हैं और व्यापक तबाही हुई है। इस संकट के मद्देनजर, देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई है।


भारत की त्वरित सहायता

सूत्रों के अनुसार, इस संकट में भारत समेत कई पड़ोसी देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। पाकिस्तान द्वारा भेजी गई राहत उड़ान के लिए भारत ने अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी, जिससे राहत कार्य में तेजी आई।


हालांकि, कुछ पाकिस्तानी मीडिया में यह दावा किया गया था कि भारत ने हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। अधिकारियों ने बताया कि अनुरोध पर कुछ घंटों में कार्रवाई की गई, क्योंकि यह तत्काल राहत कार्य से संबंधित था।


ऑनलाइन दावों का खंडन

भारत ने उन ऑनलाइन दावों को खारिज किया कि उसने हवाई क्षेत्र में प्रवेश देने से इनकार किया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिशन की तात्कालिकता को देखते हुए, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की।


अनुरोध और मंजूरी की प्रक्रिया

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर लगभग 1:00 बजे भारतीय वायु क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति के लिए औपचारिक अनुरोध किया। चार घंटे बाद, मंजूरी प्रदान की गई।


श्रीलंका को मानवीय सहायता

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर 1:00 बजे (आईएसटी) भारतीय वायु क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति मांगी। इस अनुरोध को मानवीय सहायता के संदर्भ में देखते हुए, भारत ने इसे शीघ्रता से मंजूरी दी।


चक्रवात दित्वा का प्रभाव

चक्रवात दित्वा ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जानें गई हैं और कई लोग विस्थापित हो गए हैं। इस स्थिति के कारण, कोलंबो सरकार को क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता महसूस हुई है।


भारत ने राहत प्रयासों का नेतृत्व करते हुए नौसेना, वायु और आपदा-प्रतिक्रिया संसाधनों की तैनाती की है।


प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से बातचीत की और चक्रवात के कारण हुई तबाही पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत सहायता देने का वादा किया।


मोदी ने कहा कि भारत इस कठिन समय में श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत द्वारा भेजे गए राहत दल और आपातकालीन आपूर्ति के लिए आभार व्यक्त किया।


भारत ने कहा कि वह इस क्षेत्र में 'प्रथम प्रतिक्रियादाता' बना रहेगा और श्रीलंका को आवश्यक सहायता प्रदान करता रहेगा।