संघ प्रमुख ने विजयादशमी पर नशे की समस्या से निपटने का आह्वान किया
समाज और सरकार को मिलकर नशे के खिलाफ उठाने होंगे कदम
नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने विजयादशमी उत्सव के अवसर पर नशे की बढ़ती समस्या को एक गंभीर राष्ट्रीय चुनौती के रूप में पेश किया। उन्होंने समाज और सरकार से मिलकर इस मुद्दे का समाधान खोजने का आग्रह किया। भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी को नशे के प्रभाव से बचाने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है। संघ इस दिशा में एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का प्रयास करेगा।
भागवत ने बताया कि युवाओं में नशे की लत बढ़ना एक चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों में सही और गलत का भेद समझाएं और युवाओं को नशे की आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
डिजिटल प्लेटफार्मों पर उपलब्ध सामग्री के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी उन्होंने ध्यान दिया। नई पीढ़ी को उचित और अनुचित के बीच का अंतर समझाना आवश्यक है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अनुशासन की आवश्यकता पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।
संघ प्रमुख ने सामाजिक समरसता, परिवार जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, आत्म-ज्ञान और स्वदेशी के महत्व को समाज में सकारात्मक बदलाव के पांच प्रमुख तत्व बताया। उन्होंने कहा कि देश की एकता को मजबूत करने के लिए आपसी सद्भाव, अनुशासन और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है।