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संभल हिंसा की रिपोर्ट: हिंदू आबादी में गिरावट और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

संभल में हुई हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट में हिंदू जनसंख्या में गिरावट का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू आबादी 45% से घटकर 20% रह गई है। इस पर बीजेपी ने इसे आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने इसे बीजेपी की चाल करार दिया है। रिपोर्ट में 450 पन्नों का विवरण है, जिसमें दंगों के कारण हिंदुओं के पलायन का भी जिक्र है। जानें इस मुद्दे पर और क्या प्रतिक्रियाएँ आई हैं।
 

संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट

संभल में हुई हिंसा की न्यायिक जांच की रिपोर्ट अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में न केवल हिंसा का विवरण है, बल्कि संभल में हिंदू जनसंख्या में आई कमी का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू आबादी 45% से घटकर 20% रह गई है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बीजेपी ने इस जनसंख्या परिवर्तन को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी का कहना है कि बीजेपी की चालें उनके पीडीए के सामने टिक नहीं पाएंगी। जनता इस सब को भली-भांति समझती है।


रिपोर्ट की जानकारी

प्रमुख सचिव सूचना संजय प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस हिंसा के संदर्भ में एक न्यायिक आयोग का गठन किया था, और आज इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, और इसे पढ़ने के बाद ही इसके बारे में अधिक जानकारी दी जा सकेगी।


450 पन्नों की रिपोर्ट

जांच समिति ने लगभग 450 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें संभल हिंसा के साथ-साथ वहां की जनसंख्या का भी उल्लेख है। रिपोर्ट में हिंदू जनसंख्या 15-20% और मुस्लिम जनसंख्या 80-85% बताई गई है।


बीजेपी और समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रियाएँ

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, और जहां सुरक्षा का अभाव होता है, वहां लोग पलायन कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि संभल में बार-बार हुए दंगों के कारण हिंदुओं का पलायन हुआ है। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि रिपोर्ट भी यही संकेत देती है कि दंगों के कारण हिंदुओं का पलायन हुआ।


वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन ने कहा कि मुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट गोपनीय है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के बारे में मीडिया में चर्चा की जानी चाहिए, लेकिन बीजेपी ऐसी गोपनीय रिपोर्टों का उपयोग जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए करती है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के सभी प्रयास समाजवादी पार्टी के सामने विफल रहेंगे।