संयुक्त राष्ट्र की पाकिस्तान को चेतावनी: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सुनिश्चित करें
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कठोर कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता व्यक्त की है। यूएन ने पाकिस्तान के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करें और यदि प्रदर्शनकारियों को कोई नुकसान होता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को शांतिपूर्ण विरोध में भाग लेने के कारण नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
मानवाधिकार उच्चायुक्त की अपील
जब फरहान हक से पूछा गया कि क्या संयुक्त राष्ट्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय करेगा, तो उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें। उन्होंने महासचिव गुटेरेस के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के कार्यों का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि उनकी अपीलों को गंभीरता से लिया जाएगा।
PoK में बढ़ती अशांति
मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने हाल ही में PoK में बढ़ती अशांति और प्रदर्शनकारियों की मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) पर लगाए गए प्रतिबंधों और उसके नेताओं की गिरफ्तारी की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इंटरनेट सेवा बहाली की अपील
संयुक्त राष्ट्र ने उन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बहाल करने की अपील की है, जहां हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बाद इंटरनेट बंद कर दिया गया था। यूएन ने अधिकारियों से पूरे क्षेत्र में लोगों के लिए इंटरनेट की पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
JAAC के दावे
JAAC ने आरोप लगाया है कि 27 जुलाई को पहले चरण के मतदान के दौरान 40 से अधिक लोग मारे गए। संगठन का कहना है कि जून के पहले सप्ताह से अब तक लगभग 400 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि पाकिस्तान सरकार ने इन आंकड़ों को खारिज कर दिया है।