संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान का कश्मीर मुद्दा उठाना और भारत पर आरोप
पाकिस्तान का कश्मीर पर जोर
नई दिल्ली। न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत में इस्लामोफोबिया पर भी चिंता व्यक्त की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कहा कि भारत में मस्जिदों पर हमले बढ़ रहे हैं और उन्होंने सहारनपुर में मस्जिद तोड़े जाने का उदाहरण दिया। शहबाज ने कश्मीर को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए इसे 'गले की नस' की तरह बताया।
भारत का जवाब
भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी नीति के रूप में अपनाता है। उन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक नेताओं को कठपुतली बताते हुए कहा कि वहां का शासन सेना के नियंत्रण में है। पेटल ने पीओके में मानवाधिकारों के उल्लंघन का भी उल्लेख किया।
शहबाज शरीफ की धमकी
शुक्रवार को, पाक पीएम ने भारत को युद्ध की धमकी दी, यह कहते हुए कि भारत को सिंधु नदी का पानी रोकने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो पाकिस्तान इसे युद्ध की कार्रवाई मानेगा। शहबाज ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन का भी जिक्र किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की सराहना की।
इस्लामोफोबिया पर चिंता
शहबाज शरीफ ने भारत में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को नफरत भरी बयानबाजी और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिदों पर हमले और कुरान के अपमान की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं।