×

संयुक्त राष्ट्र में रूस का वीटो: होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की अगली चाल क्या होगी?

संयुक्त राष्ट्र में रूस, चीन और फ्रांस ने बहरीन के प्रस्ताव पर वीटो लगाकर ईरान को राहत दी है। इस स्थिति में अमेरिका की अगली रणनीति क्या होगी, यह जानने के लिए पढ़ें। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कई देशों को संकट का सामना करना पड़ रहा है, और अमेरिका को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालना होगा। जानें इस जटिल स्थिति के पीछे के कारण और संभावित परिणाम।
 

संयुक्त राष्ट्र में राहत की खबर

होर्मुज जलडमरूमध्य: संयुक्त राष्ट्र से ईरान के लिए राहत की सूचना आई है। रूस, चीन और फ्रांस ने बहरीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्तुत प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया है। इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?


बहरीन का प्रस्ताव

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कई देशों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। तेल और गैस के आयात-निर्यात में रुकावट के कारण कई राष्ट्र ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं। इसी बीच, बहरीन ने सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का अधिकार दिया गया है। रूस ने पहले ही इस प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया है।


रूस का समर्थन

जरूरी उपाय:
रूस का रुख हमेशा से ईरान के पक्ष में रहा है, खासकर अमेरिका के हस्तक्षेप के खिलाफ। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कई देशों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। बहरीन के प्रस्ताव पर रूस के वीटो के बाद, अमेरिका संभवतः अपने सहयोगियों को जलडमरूमध्य में सैनिकों की तैनाती के लिए प्रेरित कर सकता है। हालांकि, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे कई देशों ने पहले ही अपने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया है।


अमेरिका की स्थिति

फ्रांस का कहना है कि यह युद्ध अमेरिका द्वारा शुरू किया गया है, इसलिए इसे खुद इस मामले में शामिल होना चाहिए। अमेरिका के लिए यह स्थिति गंभीर बनी हुई है। एक ओर, तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक दबाव बढ़ रहा है, दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन के लिए पीछे हटना हार मानने के समान होगा।