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संयुक्त समिति को भेजा गया विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक-2026

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 को संसद की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति में भेजा गया है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को जेपीसी में भेजने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस ने विधेयक को वापस लेने की मांग की है, जबकि सरकार ने इसे अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने से इनकार किया है। जानें इस विधेयक की महत्वपूर्ण बातें और संसद में चल रही चर्चा के बारे में।
 

विदेशी अंशदान विधेयक पर संसद में चर्चा

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 (FCRA) को संसद की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया गया है। इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया है।


 


केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति में भेजने का प्रस्ताव रखा। अब इस समिति को विधेयक से संबंधित कानूनी प्रावधानों की गहन समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया है।


 


समिति को 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंत तक अपनी रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत करनी होगी। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि संयुक्त समिति की बैठक के लिए कोरम समिति के सदस्यों की कुल संख्या का लगभग एक-तिहाई होना आवश्यक है। 


 



 


कांग्रेस की विधेयक वापस लेने की मांग


कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने एफसीआरए विधेयक को वापस लेने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को सरकार के इस निर्णय का स्वागत करना चाहिए और उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधेयक में अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने जैसा कुछ नहीं है।