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संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से, सर्वदलीय बैठक में उठे मुद्दे

संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू होने वाला है, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में विपक्ष के प्रमुख नेता शामिल हुए और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। किरेन रिजिजू ने सभी दलों से शांति बनाए रखने की अपील की, जबकि विपक्ष ने मतदाता सूची संशोधन और अन्य मुद्दों पर हंगामा करने की योजना बनाई है। जानें इस सत्र में क्या-क्या हो सकता है।
 

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है


नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से प्रारंभ होने जा रहा है। इस सत्र की तैयारी के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विपक्ष के प्रमुख नेता भी शामिल हुए। संसदीय कार्यक्रम मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जैसे कई नेता इस बैठक में उपस्थित थे। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी।


संसद में शांति की अपील

किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्ष के सदस्यों के व्यवहार को देखते हुए ऐसा लगता नहीं कि संसद का कार्य सुचारू रूप से चलेगा। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि सभी पार्टियां शांतिपूर्वक कार्य करेंगी और किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं होगा।" उनका मानना है कि सत्र का सुचारू रूप से चलना देश के लिए लाभकारी होगा।


विपक्ष के मुद्दे और संभावित हंगामा

रिजिजू ने कहा कि संसद सत्र के दौरान सभी विपक्षी दलों की बातों को सुना जाएगा और उम्मीद है कि सभी लोग शांति से काम करेंगे। बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत के बाद यह सत्र आयोजित किया जा रहा है। केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक पर चर्चा करेगी।


विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाए जा रहे मतदाता सूची संशोधन के मुद्दे को उठाने की योजना बना रहा है, जिससे हंगामे की संभावना है। इसके अलावा, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, आतंकी हमले और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।