संसद का शीतकालीन सत्र: विपक्ष की रणनीति और सरकार की तैयारी
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू
नई दिल्ली: आज से संसद का शीतकालीन सत्र आरंभ हो रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की योजना बनाई है। विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर यह मांग की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा होनी चाहिए, जिससे इस सत्र की शुरुआत हंगामेदार होने की संभावना है। उनका कहना है कि जब तक इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी, सदन को सुचारु रूप से चलने नहीं दिया जाएगा।
सर्वदलीय बैठक में उठे मुद्दे
रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी यही स्थिति सामने आई। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सहित तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, सपा, राजद, शिवसेना (उद्धव गुट), वाम दलों ने एक स्वर में SIR पर चर्चा की मांग की। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि अमेरिका में अदानी ग्रुप पर लगे भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप गंभीर हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और जनता के निवेश पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। इसलिए संसद में इसकी निष्पक्ष जांच और चर्चा आवश्यक है।
कांग्रेस के मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि एसआईआर में बीएलओ की आत्महत्या एक गंभीर मुद्दा है, जिसे संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर पिछड़े, दलित और वंचित गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाया जा रहा है। बीजेपी अपनी मनमाफिक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है। इस मुद्दे को सांसदों को उठाना होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठने की संभावना है। इसके अलावा, राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य विषयों पर चर्चा कराने का आग्रह किया।
सरकार की स्थिति
वहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सदन को बंधक बनाने की अनुमति नहीं देगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से कहा, "हम चाहते हैं कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चले। सभी मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन नियमों के दायरे में। विपक्ष के साथ बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा।" ठंड के मौसम का जिक्र करते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "यह शीतकालीन सत्र है, सबको ठंडे दिमाग से काम लेना चाहिए।"
केंद्र सरकार के विधेयक
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की योजना बनाई है। इनमें वक्फ (संशोधन) विधेयक, बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक और कुछ अन्य आर्थिक सुधारों से जुड़े बिल शामिल हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि विपक्ष मुद्दों पर चर्चा करे, लेकिन सदन को बार-बार स्थगित करने की रणनीति न अपनाए। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रचंड जीत से उत्साहित केंद्र सरकार इस सत्र में 14 विधेयक पेश कर सकती है।