×

संसद के मानसून सत्र 2026 में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक पर हंगामा

संसद का मानसून सत्र 2026 आज से शुरू हुआ, जिसमें विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दों पर जोरदार हंगामा किया। सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की। पीएम मोदी ने भी संसद में सक्रियता की बात की। जानें इस सत्र में और क्या हुआ।
 

संसद की कार्यवाही स्थगित


Parliament Monsoon Session 2026, नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज से आरंभ हो गया है। पहले दिन, विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दों पर जोरदार हंगामा किया। इस हंगामे के कारण कई बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।


विपक्षी नेताओं की मांग

विपक्षी सांसदों ने नीट-यूजी पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसदों ने पोस्टर और बैनर लेकर सदन में प्रवेश किया। राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जंतर-मंतर पर बच्चों की आवाज को दबाया जा रहा है और उन पर लाठीचार्ज किया गया।


शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हम शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा नीति में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। इसके बजाय, छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनकी पिटाई की जा रही है।


सरकार की असंवेदनशीलता

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह सरकार जनता के मुद्दों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है। नीट और सीबीएसई परीक्षा पेपर लीक से देशभर के परिवारों में चिंता और दर्द है। माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।


शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और नीट और सीबीएसई परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक रोकने के उपायों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं, लेकिन सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है।


सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का बिल

लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी। यह बिल मई में जारी आर्डिनेंस की जगह लेगा।


पीएम मोदी का बयान

पीएम मोदी ने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून सत्र में यदि दोनों पक्ष सक्रिय रहें तो यह बहुत ही उत्पादक हो सकता है।