संसद के मानसून सत्र के लिए सांसदों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी
लोकसभा की नई सुरक्षा एडवाइजरी
लोकसभा की एडवाइजरी: संसद के आगामी मानसून सत्र के लिए लोकसभा सचिवालय ने सांसदों के लिए सुरक्षा और अनुशासन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, कार्यवाही में व्यवधान को रोकने और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सांसदों को कई दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। इस एडवाइजरी में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग, विरोध प्रदर्शन, पोस्टर-बैनर और अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों पर रोक लगाने का उल्लेख किया गया है।
स्मार्ट गैजेट्स पर प्रतिबंध
लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को स्मार्ट वॉच, स्मार्ट ग्लास और पेन कैमरा जैसे आधुनिक उपकरणों के उपयोग से बचने की सलाह दी है। इन उपकरणों में रिकॉर्डिंग, फोटो खींचने और अन्य डिजिटल सुविधाएं होती हैं, जो संसद परिसर की सुरक्षा और गोपनीयता को खतरे में डाल सकती हैं। सचिवालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसद की कार्यवाही और परिसर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहे।
धरना-प्रदर्शन पर रोक
एडवाइजरी में संसद भवन परिसर के अंदर किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन, अनशन और धार्मिक अनुष्ठानों पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संसद परिसर को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखना है। सांसदों को अपनी बात रखने के लिए संसद के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।
तख्तियों और बैनर पर प्रतिबंध
लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन परिसर में तख्तियां, बैनर, पोस्टर या किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लाने पर रोक लगाने की बात कही है। इसके साथ ही, हथियार, लाठी-डंडे या सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील वस्तुओं को परिसर में लाने की अनुमति नहीं होगी। एडवाइजरी में विशेष रूप से AI द्वारा तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरों, भ्रामक सामग्री या विवादित नारों वाले पोस्टर प्रदर्शित करने से बचने की सलाह दी गई है।
संसद की सुरक्षा और गरिमा
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य संसद भवन की सुरक्षा को मजबूत करना और सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाना है। मानसून सत्र के दौरान बड़ी संख्या में सांसदों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और संसद प्रशासन पहले से तैयारियां कर रहे हैं। नए निर्देशों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संसद की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के चले और परिसर की गरिमा बनी रहे।