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संसद के मानसून सत्र में पेश होंगे 7 महत्वपूर्ण विधेयक, विपक्ष का विरोध संभव

केंद्र सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में 7 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, जिनमें FCRA संशोधन और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल शामिल हैं। विपक्षी दलों ने इन विधेयकों के खिलाफ विरोध जताने की योजना बनाई है। सत्र के दौरान अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी केस और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी उठाया जाएगा। जानें, क्या हैं ये विधेयक और विपक्ष के क्या मुद्दे हैं।
 

संसद के मानसून सत्र की तैयारी

केंद्र सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में 7 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिन पर हंगामे की संभावना है। यह सत्र 20 जुलाई से 17 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कई ऐसे विधेयक पेश किए जाएंगे, जिन पर विपक्ष की चिंताएं हैं और वे चर्चा का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विरोध का सामना करना पड़ सकता है। 


प्रमुख विधेयक

सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले 7 विधेयकों में से दो विधेयक सबसे अधिक चर्चा में हैं: द फॉरेन कंट्रीब्युशन (रेग्युलेशन) अमेंडमेंट बिल (FCRA) 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल 2025। FCRA संशोधन विधेयक का उद्देश्य विदेशी फंडिंग को अधिक जवाबदेह बनाना है।
 


FCRA संशोधन विधेयक का महत्व

इस विधेयक के अनुसार, FCRA सर्टिफिकेट की अवधि समाप्त होने पर स्वतः समाप्त हो जाएगी। यदि सरकार इसे नवीनीकरण नहीं करती है, तो यह बंद हो जाएगा। इसके अलावा, ऐसी संपत्तियों पर सरकार का अधिकार होगा। विदेशी चंदे और संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक नई प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। केरल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में यह विधेयक विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि कई ईसाई संगठन राज्य में FCRA फंडिंग का उपयोग करते हैं। 


विधेयकों की सूची

विधेयकों की सूची



  • विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026

  • विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025

  • आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026

  • सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026

  • जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026

  • राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन बिल

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026


विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल का उद्देश्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) जैसी पुरानी संस्थाओं को समाप्त कर एक नया उच्च शिक्षा आयोग स्थापित करना है।


आयकर में प्रस्तावित बदलाव

सरकार आयकर संशोधन विधेयक भी पेश कर सकती है, जो भारत के सरकारी ऋण बाजार को मजबूत करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने पर केंद्रित है। सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक के तहत जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है, जो पहले ही अध्यादेश के माध्यम से लाया जा चुका है।


अन्य विधेयकों का विवरण

जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक में रजिस्ट्रेशन में देरी को सख्त किया जाएगा। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन बिल 1971 के कानून में बदलाव लाएगा। MSME विकास संशोधन विधेयक छोटे उद्योगों के लिए भुगतान में देरी की समस्या को हल करने, मध्यस्थता लागू करने और राज्यों को अधिक छूट देने के लिए लाया जाएगा।


विपक्षी दलों के मुद्दे

विपक्षी दल इस सत्र में अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी केस, NEET पेपर लीक, E20 ईंधन और विदेश नीति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना बना रहे हैं। सरकार सत्र शुरू होने से पहले एथेनॉल के मुद्दे पर भी घिरी हुई है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता जंतर मंतर में डटे हुए हैं। 20 जुलाई को संसद घेरने की योजना है।