संसद के मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा, काले कपड़े पहनकर किया विरोध
मानसून सत्र 2026 का तीसरा दिन
मानसून सत्र 2026 की जानकारी: संसद का मानसून सत्र अपने तीसरे दिन भी हंगामे का शिकार हो गया। 22 जुलाई को विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा में अनियमितताओं पर चर्चा की मांग की, जिसके चलते लोकसभा में हंगामा मच गया। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई और इसे स्थगित करना पड़ा।
विपक्षी नेताओं का काला कपड़ों में प्रदर्शन
मानसून सत्र के तीसरे दिन, कई विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे सरकार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध बताया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवाद और छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव
मानसून सत्र की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष का आरोप है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं कराई जा रही है, जबकि सरकार लगातार सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद सत्र को सकारात्मक तरीके से चलाने की अपील की है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गतिरोध के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर उनकी मांगों पर चर्चा नहीं हुई तो विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस का प्रदर्शन जारी
इससे पहले मंगलवार को, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में लिया और कुछ समय बाद छोड़ दिया। कांग्रेस का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, जबकि सरकार ने प्रदर्शन के स्थान और तरीके को लेकर सवाल उठाए। इस घटना के बाद बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराया और सदन में भी मुद्दों को उठाया।