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संसद मार्च के दौरान CJP और सरकार के बीच बातचीत की शुरुआत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की, जिसमें संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। इस वार्ता के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव भी देखने को मिला। CJP ने सोनम वांगचुक की रिहाई, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और अन्य मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जानें इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।
 

CJP और केंद्र सरकार के बीच वार्ता का आरंभ

मार्च के दौरान संसद में बढ़ते तनाव के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ संवाद शुरू किया। संगठन के दो प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी मांगों का ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बनी रही।


जेपी नड्डा से मुलाकात में मांगों पर चर्चा

नई दिल्ली में संसद मार्च के दौरान, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत की। सौरभ दास ने बताया कि उन्हें मंत्री से लगभग 10 मिनट का समय मिला, जिसमें उन्होंने संगठन की मांगों का एक लिखित पत्र सौंपा। मंत्री ने उनकी बातों को सुना और आश्वासन दिया कि सरकार इस पर आंतरिक चर्चा करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का समय सीमित था, लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।


CJP की तीन प्रमुख मांगें

CJP ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। संगठन ने सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, और आंदोलन से संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की। सौरभ दास ने कहा कि संगठन अपने रुख पर अडिग है और जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रदर्शनकारियों की हिरासत की जानकारी सामने आई है, जिस पर संगठन ने चिंता व्यक्त की है।


संसद मार्च के दौरान तनाव की स्थिति

इस बीच, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की। प्रदर्शन के दौरान हल्का तनाव भी उत्पन्न हुआ। दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने अनशन को समाप्त कर दिया। उन्होंने कुछ दिन पहले यह अनशन शुरू किया था। संगठन का कहना है कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का आरंभ सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।