संसद में परीक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा का आश्वासन
संसद का मॉनसून सत्र: परीक्षा सुधारों पर चर्चा
संसद सत्र: आज संसद के मॉनसून सत्र का सातवां दिन है। लोकसभा में परीक्षा सुधारों से संबंधित विधेयक पर चर्चा आरंभ हो गई है, जिसके लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा करते हुए बताया कि यह विधेयक 2024 में लाए गए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम में संशोधन है। उन्होंने कहा कि यह कानून भी वर्तमान सरकार द्वारा लाया गया था और स्वतंत्र भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला कानून है। पहले लाए गए कानून और अब प्रस्तुत संशोधन, दोनों ही छात्रों और युवाओं के हितों की सुरक्षा के प्रति सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के शासन में विभिन्न राज्यों में परीक्षाएं लीक होती थीं, लेकिन उस समय की तुलना में अब अधिक सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने 2009 में रेलवे भर्ती पेपर लीक से लेकर 2012 में एम्स एंट्रेंस पेपर लीक तक के उदाहरण दिए और कहा कि इसी कारण से एक मजबूत प्रणाली बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। वर्तमान में भारत में चार प्रमुख परीक्षा एजेंसियां कार्यरत हैं। 1992 में कांग्रेस सरकार के समय एक समिति ने केंद्रीय परीक्षा समिति के गठन का सुझाव दिया था, और 2010 में भी ऐसा ही सुझाव दिया गया था। यह विधेयक पहली बार 2024 में पेश किया गया था और जून 2024 में लागू किया गया। इसके मूल उद्देश्य परीक्षा में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें 2024 के विधेयक को और मजबूत करने की आवश्यकता है, और हम इसी कानून में संशोधन के लिए यह विधेयक लाए हैं।