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सऊदी अरब की यमन में एयरस्ट्राइक: 7 अलगाववादी मारे गए

सऊदी अरब ने यमन में एक एयरस्ट्राइक की, जिसमें 7 अलगाववादी लड़ाकों की जान चली गई। यह हमला हद्रामौत प्रांत में हुआ, जहां यमन सरकार ने महत्वपूर्ण मिलिट्री बेस को पुनः प्राप्त करने का दावा किया है। इस घटना के बाद, यमन ने यूएई के साथ रक्षा समझौता रद्द कर दिया और 72 घंटे की नाकाबंदी लागू की। जानें इस हमले के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव।
 

सेना ने अलगाववादी गुट से मिलिट्री बेस को छुड़ाया


Airstrike, नई दिल्ली: सऊदी अरब ने यमन में एक एयरस्ट्राइक का संचालन किया, जिसमें 7 अलगाववादी लड़ाकों की जान चली गई। यह घटना शुक्रवार को दक्षिणी प्रांत हद्रामौत में हुई, जहां अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। यमन सरकार ने इस सैन्य कार्रवाई के माध्यम से महत्वपूर्ण मिलिट्री बेस को अलगाववादी गुट से वापस लेने का दावा किया है।


सऊदी अरब का हद्रामौत में सैन्य अभियान

हद्रामौत के गवर्नर सालेम अल-खानबाशी ने बताया कि सुरक्षाबल एसटीसी के कब्जे से सैन्य ठिकानों को पुनः प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। एसटीसी यमन का एक अलगाववादी संगठन है, जो दक्षिणी यमन को स्वतंत्र कराने के लिए संघर्ष कर रहा है और इसे यूएई का समर्थन प्राप्त है।


मुकल्ला पोर्ट पर पहले की बमबारी

इससे पहले, सऊदी अरब ने मंगलवार को यमन के मुकल्ला पोर्ट पर बमबारी की थी। सऊदी ने आरोप लगाया था कि यूएई के फुजैरा पोर्ट से आए दो जहाजों पर हथियार और सैन्य वाहन उतारे जा रहे थे। इन जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम बंद थे। सऊदी अरब का कहना है कि ये हथियार सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल को दिए जा रहे थे, जो शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन सकते थे। इसलिए वायुसेना ने सीमित हवाई हमले के जरिए इन हथियारों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया।


यमन ने यूएई से रक्षा समझौता रद्द किया

मुकल्ला पर हुए हवाई हमले के बाद, यमन सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ किया गया रक्षा समझौता रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, सरकार ने हालात पर नियंत्रण के लिए 72 घंटे की हवाई, थल और समुद्री नाकाबंदी लागू करने और 90 दिनों के लिए आपातकाल घोषित करने का निर्णय लिया है।