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सऊदी अरब में अंसारल्लाह का नया हमला, अरामको की सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले

सऊदी अरब और यमन के अंसारल्लाह संगठन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल ही में अंसारल्लाह ने रियाद में अरामको की सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। इस हमले के बाद घटनास्थल से धुआं और आग के गुबार उठते दिखाई दिए। अंसारल्लाह ने पहले भी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया था। सऊदी अधिकारियों ने हमलों को रोकने का दावा किया है, लेकिन हालात गंभीर बने हुए हैं। जानें इस संघर्ष के पीछे की वजह और सऊदी अरब की संभावित सैन्य प्रतिक्रिया के बारे में।
 

सऊदी अरब और अंसारल्लाह के बीच बढ़ता तनाव

रियाद: सऊदी अरब और यमन के अंसारल्लाह संगठन, जिसे हूती के नाम से भी जाना जाता है, के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अंसारल्लाह ने रियाद में सऊदी तेल कंपनी अरामको की एक फैसिलिटी को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। हमले के बाद घटनास्थल से धुआं और आग के गुबार उठते दिखाई दिए।


अंसारल्लाह ने 24 सितंबर 2026 को भी दावा किया था कि उसने यानबू स्थित अरामको की एक फैसिलिटी पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने बताया था कि ताइफ और यानबू की दिशा में आ रही 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया गया। हालांकि, उस समय अरामको के किसी प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।


इससे पहले 13 सितंबर को कथित ड्रोन हमले में सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को निशाना बनाया गया था। इसके कारण यानबू की ओर तेल के प्रवाह पर असर पड़ने की बात सामने आई थी। वहीं, 20 जुलाई को अंसारल्लाह ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की थी। संगठन ने इसे यमन में उसके नियंत्रण वाले इलाकों पर सऊदी नौसैनिक और हवाई नाकेबंदी का जवाब बताया था।


ताजा हमले का दावा ऐसे समय में किया गया है, जब अंसारल्लाह से जुड़े ठिकानों के खिलाफ सऊदी सैन्य अभियान जारी रहने की बात कही जा रही है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, सऊदी विमानों ने 3 अक्टूबर 2026 को 24 घंटे के दौरान 94 हवाई और मिसाइल हमले किए।


सरी ने दावा किया कि इन हमलों में सना, सादा, ताइज, हज्जा, अमरान और इब प्रांतों में स्थित ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने हमलों में नागरिकों के हताहत होने का भी दावा किया। सरी के मुताबिक, हमलों में एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया, जबकि सऊदी-यमन सीमा के पास के इलाकों से भी मिसाइल हमले किए गए।


हूती प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि हालिया तनाव शुरू होने के बाद से सऊदी हवाई और मिसाइल हमलों की संख्या बढ़कर 1,350 हो गई है। इस बीच, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में सादा और सना में कई विस्फोटों का जिक्र किया गया है।


वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है। संभावित अभियान में लाल सागर के तटीय इलाकों में बढ़त बनाने के साथ कई मोर्चों पर हमले किए जाने की योजना शामिल हो सकती है। हालांकि, इस तरह की किसी भी सैन्य कार्रवाई का अंतिम स्वरूप जमीनी हालात में होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा।