सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को खरीदा, भारतीय फैंस में नाराजगी
नीलामी में सनराइजर्स लीड्स का विवादास्पद निर्णय
ईसीबी द्वारा आयोजित 'द हंड्रेड' की नीलामी 12 मार्च को हुई, जिसमें भारतीय सन ग्रुप की स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा। इस खरीदारी को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों में भारी नाराजगी है, जो इसे देश के प्रति विरोधाभासी मानते हैं।
सोशल मीडिया पर बहिष्कार की धमकी
सनराइजर्स लीड्स, जो आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी है, के इस कदम के चलते सोशल मीडिया पर फैंस ने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
आलोचना का सामना
आलोचकों का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी को खरीदना, जिसने 2025 में भारतीय सेना का मजाक उड़ाने वाला पोस्ट किया था, टीम मालिकों की प्राथमिकताओं को देश की भावनाओं से ऊपर रखता है। सनराइजर्स लीड्स ने ट्रेंट रॉकेट्स से अधिक बोली लगाकर अबरार को साइन किया, जिससे सभी को आश्चर्य हुआ।
नीलामी से पहले की स्थिति
नीलामी से पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि द हंड्रेड में शामिल चार भारतीय स्वामित्व वाली टीमें—सनराइजर्स लीड्स, एमआई लंदन, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और सदर्न ब्रेव—पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी।
ईसीबी की चेतावनी
हालांकि, ईसीबी ने नीलामी से पहले सभी आठ टीमों को चेतावनी दी थी कि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को न लेना यूके के एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानूनों का उल्लंघन है।
टीम की रणनीति
भारतीय स्वामित्व वाली टीमें एसए20 और आईएलटी 20 जैसी अन्य लीगों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करती हैं। अबरार को सनराइजर्स लीड्स ने हेड कोच डेनियल विटोरी की अगुवाई में एक रणनीतिक निर्णय के तहत खरीदा।
चुनौतियाँ
फ्रेंचाइजी के अधिकारियों ने कहा कि चयन पूरी तरह क्रिकेट की काबिलियत और टीम की जरूरतों के आधार पर किया गया। हालांकि, अब उन्हें भारत में अपने मुख्य कमर्शियल मार्केट में पीआर संकट का प्रबंधन करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।