समाजवादी पार्टी का युवा अभियान: विश्वविद्यालयों में बढ़ती सक्रियता
युवाओं के बीच सक्रियता बढ़ाने की पहल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, समाजवादी पार्टी ने विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में युवाओं के बीच अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर, समाजवादी छात्र सभा ने ‘छात्र नौजवान पड़ाव जागरूकता एवं सदस्यता अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत, छात्र सभा के कार्यकर्ता नीली जींस और टी-शर्ट पहनकर Gen Z छात्रों से संवाद कर रहे हैं।
संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम
इस अभियान की विशेषता यह है कि छात्र सभा केवल सदस्यता तक सीमित नहीं है। कार्यकर्ता छात्रों से आमने-सामने बातचीत कर उनकी समस्याओं और राजनीतिक मुद्दों पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही, उनके गृह जिले और विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जानकारी भी एकत्र की जा रही है।
युवाओं के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित
छात्र सभा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि अभियान का उद्देश्य ऐसे युवाओं को संगठन से जोड़ना है जो भविष्य में अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा सकें। इसके लिए व्यक्तिगत संवाद पर जोर दिया जा रहा है। कार्यकर्ता इसे केवल ऑनलाइन सदस्यता लेने की प्रक्रिया से अलग मानते हैं।
रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा
कैंपस में बातचीत के दौरान रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, बढ़ती फीस, आउटसोर्सिंग और छात्रवृत्ति जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। छात्र सभा के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इन समस्याओं के कारण प्रदेश के युवाओं में नाराजगी है।
सरकार बनने पर रोजगार के बड़े दावे
अभियान के दौरान, छात्र सभा के कार्यकर्ता युवाओं से पूछ रहे हैं कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो शिक्षा, रोजगार और छात्र हितों में क्या बदलाव आवश्यक हैं। कार्यकर्ताओं का दावा है कि सत्ता में आने पर, युवाओं की रोजगार संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए छह महीने के भीतर बड़े स्तर पर भर्तियां की जाएंगी।