सरकार की 2.5 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना से MSME और विमानन क्षेत्र को मिलेगी राहत
नई दिल्ली में राहत की तैयारी
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में चल रहे गंभीर युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण नकदी संकट का सामना कर रहे भारतीय व्यवसायों को राहत देने की योजना बनाई है। सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), एयरलाइंस और अन्य प्रभावित क्षेत्रों को बचाने के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की एक विशाल क्रेडिट गारंटी योजना का कैबिनेट नोट तैयार किया है। विभिन्न मंत्रालयों के बीच इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा पूरी हो चुकी है, और अब सभी की नजरें कैबिनेट पर हैं, जहां से जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय की उम्मीद है।
EFC से मिली मंजूरी, अब कैबिनेट की बारी
EFC से मिल चुकी है हरी झंडी, अब कैबिनेट के पाले में गेंद
इस महत्वाकांक्षी राहत पैकेज को वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति (EFC) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। ईएफसी की हरी झंडी का अर्थ है कि योजना के वित्तीय प्रभाव, डिजाइन और रूपरेखा की पूरी तरह से जांच की जा चुकी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि ईएफसी की बैठकें और सिफारिशें पूरी होने के बाद अब यह प्रस्ताव कैबिनेट प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में पेश किया जाएगा, और वहां से हरी झंडी मिलने पर इसे लागू किया जाएगा।
कोविड काल की तर्ज पर आपातकालीन सहायता
कोविड काल की तर्ज पर मिलेगी 'आपातकालीन' संजीवनी
सरकार की 2.5 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट सहायता योजना को 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई 'आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना' (ECLGS) का एक बड़ा विस्तार माना जा रहा है। इस राशि का मुख्य उद्देश्य सप्लाई चेन में आई रुकावटों, कच्चे माल की बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितता के कारण उत्पन्न वित्तीय दबाव को कम करना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नकदी की कमी के कारण ये कमजोर क्षेत्र बैंक लोन चुकाने में डिफाल्टर न बनें और उनका व्यवसाय सुचारू रूप से चलता रहे।
सरकार का ध्यान हवाई यात्रा और छोटे व्यवसायों पर
हवाई सफर और छोटे कारोबारियों पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस
पश्चिम एशिया के लंबे खिंचते संकट ने वैश्विक कमोडिटी की कीमतों और व्यापार की गति पर प्रभाव डाला है। इस योजना के तहत सरकार का ध्यान विशेष रूप से एविएशन सेक्टर और छोटे उद्योगों (MSME) को उबारने पर है। विमानन क्षेत्र इस समय आसमान छूते ईंधन के दामों और वैश्विक तनाव के कारण भारी परिचालन दबाव का सामना कर रहा है। वहीं, आयात पर निर्भर छोटे कारोबारी भी बाहरी मांग में आई कमी के कारण नकदी संकट से जूझ रहे हैं। यह नई क्रेडिट गारंटी सुविधा इन क्षेत्रों के लिए एक बड़े सरकारी-समर्थित सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी।