×

सरकार ने डीजल ड्यूटी बढ़ाई, क्या बढ़ेंगे ईंधन के दाम?

केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर निर्यात ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे डीजल की ड्यूटी 15.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, पेट्रोल पर ड्यूटी में कमी की गई है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर उठाया गया है। हालांकि, घरेलू बाजार में डीजल की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव।
 

नई दिल्ली में डीजल ड्यूटी में वृद्धि

मध्यपूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस संदर्भ में, केंद्र सरकार ने बुधवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को बढ़ाने का निर्णय लिया है।


ड्यूटी में 5 रुपये की वृद्धि

रिपोर्ट्स के अनुसार, डीजल पर ड्यूटी को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर ड्यूटी 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।


पेट्रोल पर ड्यूटी में कमी

केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।


संघर्ष के कारण टैक्स में वृद्धि

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसके चलते निर्यात ड्यूटी में यह बढ़ोतरी की गई है।


घरेलू बाजार पर प्रभाव नहीं

सरकार ने यह ड्यूटी बढ़ोतरी निर्यात होने वाले डीजल पर की है, इसलिए घरेलू बाजार में डीजल की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यदि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी रहता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


हर दो हफ्ते में समीक्षा

सरकार घरेलू बाजार में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर दो सप्ताह में एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है।


उपभोक्ताओं पर दबाव कम करना

केंद्र सरकार का यह कदम घरेलू बाजार में तेल की आपूर्ति को सुनिश्चित करना और वैश्विक बाजार में तेल की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।