सलमान खान और करीना कपूर ने NEET पेपर लीक विवाद में छात्रों का समर्थन किया
सलमान खान की अपील
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन के बीच, अभिनेता सलमान खान ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनुरोध किया है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है, इसलिए छात्रों को अब अपने घर लौट जाना चाहिए। अभिनेत्री करीना कपूर ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अनशन को समाप्त करने की सलाह
सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में सोनम वांगचुक से कहा कि अनशन को जारी रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चाहें तो वह अपने घर से भोजन भी भेज सकते हैं। अभिनेता ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठाएगी और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनेगी।
छात्रों से घर लौटने की अपील
सलमान खान ने कहा कि देश के छात्र सबसे महत्वपूर्ण हैं और उनके भविष्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अनुरोध किया कि वे अपने माता-पिता की चिंता को समझें और घर लौट जाएं। अभिनेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है, इसलिए सकारात्मक समाधान की उम्मीद रखनी चाहिए।
राजनीति से दूर रहने की सलाह
सलमान खान ने पहले भी छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा प्रणाली से संबंधित है, इसलिए इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, इस आंदोलन का पूरा श्रेय उन छात्रों को मिलना चाहिए जिन्होंने शांति से अपनी बात रखी है।
करीना कपूर का समर्थन
अभिनेत्री करीना कपूर ने भी सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अब छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली तभी मजबूत होगी जब मेहनत, ईमानदारी और योग्यता पर छात्रों का विश्वास बना रहे। उनके अनुसार, हर छात्र को निष्पक्ष और समान अवसर मिलना चाहिए।
अन्य कलाकारों का समर्थन
NEET पेपर लीक विवाद पर कई फिल्मी हस्तियों ने छात्रों के समर्थन में अपनी राय रखी है। सलमान खान और करीना कपूर के अलावा, ओमी वैद्य, जीनत अमान, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अभय देओल, सोनाक्षी सिन्हा और रितेश देशमुख भी छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। इन बयानों के बाद शिक्षा प्रणाली को लेकर बहस और तेज हो गई है।