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सलीम डोला की गिरफ्तारी: ड्रग माफिया का बड़ा चेहरा भारत लाया गया

सलीम डोला, जो दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है, को तुर्की से भारत लाया गया है। उसकी गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता दिलाई है। डोला का नाम अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट में प्रमुखता से लिया जाता है, और उसका नेटवर्क हर साल 5,000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद, जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। जानें इस ड्रग माफिया की पूरी कहानी और उसकी गिरफ्तारी के पीछे की वजहें।
 

सलीम डोला की गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों को मिली सफलता


अंडरवर्ल्ड से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसने सुरक्षा बलों की मेहनत को एक बड़ी सफलता में बदल दिया है। कुख्यात ड्रग माफिया सलीम डोला, जो दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता है, को तुर्की से भारत लाया गया है। कई महीनों की अंतरराष्ट्रीय निगरानी और ऑपरेशन के बाद उसे पकड़कर देश वापस लाया गया है, जहां उसकी गहन पूछताछ की जा रही है।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

हाल ही में सलीम डोला को इस्तांबुल में स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। आज सुबह, एक विशेष विमान के माध्यम से उसे दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर लाया गया। यहां पहुंचते ही उसे सुरक्षा घेरे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। प्रारंभिक जांच के बाद, उसे मुंबई पुलिस या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंपा जा सकता है।


सलीम डोला का परिचय

सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई में हुआ। वह युवा अवस्था में ही अंडरवर्ल्ड में शामिल हो गया और दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी छोटा शकील के साथ काम करने लगा। शुरुआत में उसने गुटखा सप्लाई जैसे छोटे कामों से अपने नेटवर्क का निर्माण किया, लेकिन बाद में वह ड्रग्स तस्करी में शामिल हो गया। उसने मारिजुआना से लेकर सिंथेटिक ड्रग्स तक का कारोबार किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।


ड्रग नेटवर्क का विस्तार

साल 2012 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसने लगभग पांच साल जेल में बिताए। रिहाई के बाद भी उसने अपराध की दुनिया से दूरी नहीं बनाई और फिर से ड्रग्स का नेटवर्क स्थापित किया। 2018 में उसे मुंबई में फिर से पकड़ा गया, लेकिन कुछ महीनों में जमानत पर रिहा हो गया। इसके बाद वह UAE भाग गया और फिर तुर्की चला गया, जहां से उसने अपने गिरोह का संचालन जारी रखा।


ड्रग्स का बड़ा कारोबार

सलीम डोला का नाम अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट में प्रमुखता से लिया जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह भारत सहित कई देशों में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। उसका नेटवर्क हर साल लगभग 5,000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार करता था। उसकी पहुंच सीधे दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी, जिससे उसकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।


सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी

डोला के खिलाफ भारत में कई मामले पहले से दर्ज थे। उस पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम भी रखा था। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसके नेटवर्क को तोड़ने में जुटी थीं। देश के विभिन्न हिस्सों में उसकी ड्रग्स फैक्ट्रियों और लैब्स का भंडाफोड़ किया जा चुका है।


परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी

डोला के खिलाफ कार्रवाई केवल उसी तक सीमित नहीं रही। पिछले साल अक्टूबर में उसके करीबी सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से भारत लाया गया था। इसके बाद नवंबर में उसके बेटे ताहिर डोला समेत परिवार के चार सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया। भारत लाए जाने के बाद सलीम डोला से पूछताछ के जरिए कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसका नेटवर्क किन-किन देशों में फैला हुआ था और भारत में उसके संपर्क कौन थे।