सांप्रदायिक तनाव: तीन राज्यों में प्रशासन की तत्परता से काबू में आई स्थिति
सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं
नई दिल्ली: हाल ही में देश के तीन विभिन्न राज्यों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, इन स्थानों पर स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। लेकिन इन घटनाओं ने एक बार फिर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कर्नाटक के बागलकोट से लेकर आंध्र प्रदेश के हैदराबाद और मध्य प्रदेश के जबलपुर तक, धार्मिक आयोजनों के दौरान उत्पन्न विवादों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अतिरिक्त बल की तैनाती से हालात को काबू में लाया गया।
जबलपुर में तनाव का कारण
जबलपुर में क्या हुआ?
जबलपुर की संवेदनशील सिहोरा तहसील में गुरुवार रात दुर्गा मंदिर परिसर में कथित तोड़फोड़ की घटना के बाद तनाव फैल गया। यह घटना तब हुई जब मंदिर में शाम की आरती और पास की मस्जिद में नमाज एक साथ चल रही थी।
एक युवक द्वारा मंदिर की ग्रिल को नुकसान पहुंचाने के बाद कहासुनी शुरू हुई, जो झड़प और पत्थरबाजी में बदल गई। हालात बिगड़ते देख आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी किया गया।
जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संपत उपाध्याय ने बताया कि किसी भी धार्मिक संरचना को नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। पुलिस ने लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया है। आजाद चौक क्षेत्र को लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है, जहां आरती और नमाज़ का समय पहले भी विवाद का कारण बन चुका है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
कर्नाटक में विवाद की शुरुआत
कर्नाटक के बागलकोट में कैसे भड़का विवाद?
बागलकोट में शिवाजी जयंती की शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई थी, लेकिन पंका मस्जिद के सामने से गुजरते समय कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि मस्जिद परिसर से पत्थरबाजी की गई। इस दौरान एक पत्थर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल को भी लगा, जिससे उन्हें सिर में मामूली चोट आई। गोयल ने मीडिया से कहा, "जैसे ही जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा, दूर से हमारी ओर दो पत्थर फेंके गए।"
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, जुलूस के दौरान डीजे पर बजाए गए गीत की "मंदिर बनाएंगे" पंक्ति पर आपत्ति जताने के बाद विवाद बढ़ा। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और अगले चार दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी। पत्थरबाजी के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने कहा, "हमें पता है कि दो पत्थर किसने फेंके। स्थिति अब नियंत्रण में है।"
हैदराबाद में रमजान के दौरान तनाव
हैदराबाद में रमजान के दौरान क्या हुआ?
हैदराबाद के अंबरपेट इलाके में रमजान की नमाज़ के दौरान शिवाजी जयंती की शोभायात्रा मस्जिद के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान तेज़ संगीत और नारेबाजी को लेकर आपत्ति जताई गई, जिससे बहस और हल्की झड़प की स्थिति बन गई।
करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले इस क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। अगले दिन भी एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।
इन तीनों घटनाओं में राहत की बात यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात काबू में आ गए। हालांकि, मंदिर और मस्जिदों के निकट स्थित इलाकों में पहले भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे ऐसे क्षेत्रों की संवेदनशीलता एक बार फिर उजागर हुई है।