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साइबर ठगी: कुलदीप चहल के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट का मामला

पंजाब पुलिस के डीआईजी कुलदीप चहल के नाम पर एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया है, जिसके माध्यम से साइबर ठग पैसे मांग रहे हैं। यह मामला तब सामने आया जब चहल ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लोगों को चेतावनी दी। ठगों ने पहले भी अन्य पुलिस अधिकारियों के नाम पर धोखाधड़ी की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कुलदीप चहल के बारे में।
 

फर्जी फेसबुक अकाउंट की चेतावनी

साइबर ठग अब केवल आम लोगों को ही नहीं, बल्कि प्रमुख व्यक्तियों के नाम पर भी धोखाधड़ी कर रहे हैं। हाल ही में, पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और पटियाला रेंज के डीआईजी कुलदीप सिंह चहल के नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया। जब डीआईजी चहल को इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लोगों से अपील की कि वे ऐसे फर्जी खातों से पैसे मांगने वाले संदेशों पर विश्वास न करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को ऐसा कोई अकाउंट दिखे, तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करें। कुलदीप चहल वही अधिकारी हैं जिन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई को गिरफ्तार किया था।


साइबर ठगों की नई रणनीति

आरोपी साइबर ठग कभी मदद के बहाने तो कभी मजबूरी का बहाना बनाकर डीआईजी चहल के जानकारों से पैसे मांग रहे हैं। वे अलग-अलग तरीकों से लोगों से छोटे-छोटे अमाउंट में पैसे मांगने का प्रयास कर रहे हैं।


अन्य अधिकारियों के नाम पर भी धोखाधड़ी

यह पहली बार नहीं है जब पुलिस अधिकारियों के नाम पर फर्जी आईडी बनाई गई है। इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी, पूर्व एसपी और अन्य अधिकारियों के नाम पर भी इसी तरह के धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। यह चिंताजनक है कि साइबर अपराधी अब डीआईजी कुलदीप चहल तक पहुंच गए हैं।


पूर्व एसपी और डीएसपी के नाम पर भी ठगी

पूर्व एसपी रोशन लाल के नाम पर भी एक फर्जी आईडी बनाई गई थी, जिसके जरिए उनके जानकारों से 15 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसी तरह, पूर्व डीएसपी क्राइम की तस्वीरें चुराकर एक हैकर ने नकली फेसबुक आईडी बना ली थी और उनके दोस्तों से पैसे मांगने लगा।


कुलदीप चहल का परिचय

आईपीएस कुलदीप चहल 2009 बैच के अधिकारी हैं, जिनका जन्म 1981 में हुआ था। वे हरियाणा के जिंद जिले से हैं और एक साधारण परिवार से आते हैं। 2014 में, उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गिरफ्तार करके काफी सुर्खियां बटोरी थीं। वे पंजाब में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं।