साइबर ठगी के खिलाफ चेतावनी: IELTS, TOEFL और PTE परीक्षा के नाम पर धोखाधड़ी
साइबर ठगी की बढ़ती घटनाएं
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, IPS ने युवाओं को IELTS, TOEFL और PTE परीक्षाओं के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी के बारे में जागरूक करने के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि विदेश में अध्ययन और नौकरी की चाहत का फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी एजेंटों, कॉल सेंटरों और नकली वेबसाइटों के माध्यम से ठगी कर रहे हैं।
धोखाधड़ी के तरीके
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ठग व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं और 'गारंटी पास', 'पेपर पहले से उपलब्ध', 'कम फीस में एडमिशन' या 'बिना परीक्षा सर्टिफिकेट' जैसी पेशकश करते हैं। जब कोई व्यक्ति इन झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करता है या अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करता है, तो ठग उनसे संपर्क तोड़ देते हैं या और अधिक ठगी कर लेते हैं।
सावधानियों की सूची
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं: केवल अधिकृत और विश्वसनीय संस्थानों के माध्यम से परीक्षा के लिए आवेदन करें। किसी अनजान एजेंट को पैसे ट्रांसफर न करें। 'गारंटी पास' या 'पेपर लीक' जैसे दावों से सतर्क रहें। संदिग्ध लिंक या एप डाउनलोड करने से बचें और अपनी व्यक्तिगत तथा बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
सतर्क रहने के संकेत
अनजान कॉल या संदेश, कम समय में रिजल्ट दिलाने का दावा, बहुत कम फीस में विदेश भेजने का झांसा, फर्जी वेबसाइट या लिंक, और जल्दी पैसे ट्रांसफर करने का दबाव जैसे संकेतों पर ध्यान दें।
शिकायत करने की प्रक्रिया
यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इसके अलावा, नजदीकी थाना या साइबर सेल में भी सूचना देना आवश्यक है।
सतर्कता की अपील
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के लालच या झूठे वादों के झांसे में न आएं। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।