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साइबर ठगी से बचने के उपाय: एसपी की चेतावनी

पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने साइबर ठगों के नए तरीकों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के धोखाधड़ी के तरीकों का उल्लेख किया है, जैसे डिजिटल गिरफ्तारी, फर्जी निवेश योजनाएं, और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग। एसपी ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। जानें और भी सुरक्षा उपाय इस लेख में।
 

साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता

पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिले के निवासियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। वर्तमान में, साइबर ठग विभिन्न प्रकार के लालच, डर और फर्जी पहचान का उपयोग करके लोगों को आर्थिक ठगी का शिकार बना रहे हैं।


प्रमुख साइबर फ्रॉड के प्रकार



  1. डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी


साइबर अपराधी खुद को सीबीआई, पुलिस, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और फर्जी केस में गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं।



  1. फर्जी निवेश योजनाएं


सोशल मीडिया पर कम समय में अधिक लाभ का लालच देकर निवेश करने के लिए कहा जाता है, और बाद में ठग पूरी राशि हड़प लेते हैं।



  1. पार्ट टाइम जॉब और टास्क धोखाधड़ी


घर बैठे कमाई का झांसा देकर छोटे-छोटे कार्य करवाए जाते हैं। शुरुआत में कुछ पैसे देकर विश्वास जीता जाता है, फिर बड़ी रकम जमा करवाई जाती है।



  1. केवाईसी अपडेट और बैंक अकाउंट ब्लॉक होने का झांसा


फर्जी लिंक भेजकर बैंक खाते, आधार, पैन या केवाईसी अपडेट करने के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी चुराई जाती है।



  1. सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग


दोस्तों या रिश्तेदारों के नाम से फर्जी संदेश भेजकर पैसे मांगे जाते हैं। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर पुष्टि करें।



  1. ओएलएक्स/ऑनलाइन खरीद-बिक्री धोखाधड़ी


सस्ते सामान या वाहन बेचने का लालच देकर एडवांस राशि मांगी जाती है। बिना सत्यापन के कोई भुगतान न करें।



  1. स्क्रीन शेयरिंग ऐप धोखाधड़ी


AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport जैसी ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल या बैंक खाते की जानकारी हासिल की जाती है।


साइबर सुरक्षा के लिए सावधानियां


️ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।


️ ओटीपी, बैंक विवरण, यूपीआई पिन, सीवीवी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।


️ वीडियो कॉल पर किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा पैसे मांगने पर विश्वास न करें।


️ सोशल मीडिया पर दिख रहे निवेश एवं नौकरी के आकर्षक ऑफरों से सावधान रहें।


️ मोबाइल एवं बैंकिंग ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करें।


️ किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत सतर्क हो जाएं।


साइबर ठगी होने पर क्या करें


यदि आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें। शीघ्र शिकायत करने से ठगी गई राशि को बचाने की संभावना बढ़ जाती है।


एसपी की अपील


“साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। किसी भी प्रकार के लालच, भय या दबाव में आकर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें। सुरक्षित रहें, जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।”