सात्विका की अद्भुत भरतनाट्यम प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
दिल्ली में भरतनाट्यम का जादू
सुशील कुमार शर्मा
दिल्ली: भवानीज़ प्रसन्नालयठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित एकल भरतनाट्यम प्रस्तुति ने मयूर विहार फेज़-1, नई दिल्ली में कला प्रेमियों और विशेषज्ञों से भरपूर सराहना प्राप्त की। यह कार्यक्रम वर्ष प्रतिपदा और नवरात्रि के शुभ अवसर पर एक खुशनुमा रविवार की सुबह आयोजित किया गया, जिसमें नृत्यांगना ए. सात्विका ने अपने अद्वितीय नृत्य कौशल, भावपूर्ण अभिनय, सटीक मुद्राओं और लयबद्ध पदचाप से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ओ.पी. जिंदल लॉ कॉलेज से स्नातक और पेशेवर फोटोग्राफर, सात्विका ने 15 वर्ष पहले मुंबई में अपना अरंगेत्रम पूरा किया था और तब से उन्होंने भारत के विभिन्न मंचों पर अपनी पहचान बनाई है।
सात्विका ने अपनी गुरु भवानी अनंतरामन के मार्गदर्शन में तकनीकी दक्षता और भावाभिव्यक्ति का एक प्रभावशाली संगम प्रस्तुत किया। उन्होंने पुष्पांजलि, राग कल्याणी पर आधारित वर्णम, आदि शंकराचार्य की रचना पर आधारित श्लोक, संत मीराबाई के भजन ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ के साथ-साथ तिल्लाना और मंगलम के माध्यम से भक्ति, आध्यात्मिकता और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया।
प्रस्तुति को प्रख्यात कलाकारों की संगीतमय संगत ने और भी समृद्ध बना दिया। सुधा रघुरामन के भावपूर्ण गायन के साथ जी. रघुरामन की बाँसुरी और एम.वी. चंद्रशेखर की मृदंगम की सटीक लय ने इसे और आकर्षक बना दिया। ए. शिवा ने मंच संचालक के रूप में कार्यक्रम के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखा, जिससे दर्शकों को हर प्रस्तुति का मूल्यवान संदर्भ मिला।
भवानीज़ प्रसन्नालय ट्रस्ट के न्यासी वी. अनंतरामन और ए. शिवा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने गुरु-शिष्य परंपरा की विरासत का उत्सव मनाया। ‘रसा’ नामक इस कार्यक्रम ने उपस्थित रसिकों को गहरी रसानुभूति प्रदान की। सात्विका के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने दर्शकों और विशेषज्ञों के बीच विशेष प्रशंसा अर्जित की। कियान फाऊंडेशन परिवार ने सफल कार्यक्रम के लिए हार्दिक बधाइयां दी।